रायपुर : छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग में ट्रांसफर घोटाले का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। बता दें की इस घोटाले में बड़ी कार्यवाई होने वाली है। महीने भर पहले मंत्री रविंद्र चौबे ने इस घोटाले में संलिप्त लोगो के खिलाफ शख्त करवाई की बात कही थी वहीँ कार्रवाई करने के लिए फाइल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पास भेज दिए थे।
बताया जा रहा है की मुख्यमंत्री ने इसके लिए हरी झंडी दे दी है। अब जल्द ही प्रमोशन और ट्रांसफर आदेश निरस्त हो सकता है। इस घोटाले में संलिप्त आरोपियों का खांका तैयार हो चूका है वहीँ खबर है कि 20 लोंगो के ऊपर FIR भी दर्ज हो सकता है। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षकों के तबादले को लेकर बनाई गई समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं। गौरतलब है की जून में प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षकों का प्रमोशन और ट्रांसफर किया गया था। प्रमोशन के बाद मनचाही स्कूल में पोस्टिंग दिलाने के नाम पर शिक्षा विभाग के सभी संयुक्त संचालकों ने खेल खेला था l
चारो संभाग में पदस्थ संयुक्त संचालकों और उनके करीबी बाबुओं ने मिलकर लगभग सौ करोड़ रुपए का धंधा कर लिया। जब घोटाला फूटा तो पूरे प्रदेश में बवाल मच गया और एक के बाद एक चार संयुक्त संचालक समेत दर्जनभर अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करना पड़ा था। मंत्री ने सभी संभागों के कमिश्नरों को मामले की जांच करने के निर्देश दिए थे और उनकी जांच में घोटाले की पुष्टि हुई थी। संयुक्त संचालकों और कर्मचारियों का निलंबन होने के बाद आगे की कार्रवाई अटकी हुई थी। अब मुख्यमंत्री से निर्देश मिलने के बाद जल्द ही प्रमोशन और ट्रांसफर आदेश निरस्त हो जाएगा।
प्रमोशन और ट्रांसफर घोटाले की जांच के आधार पर 10 अफसरों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पिछले दिनों सस्पेंड कर दिया गया था। इनमें लोक शिक्षण संचनालय के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सहित कई अन्य बड़े अफसरों के नाम है। इनमें रायपुर संभाग के संयुक्त संचालक के कुमार, बिलासपुर के संयुक्त संचालक एसके प्रसाद, सरगुजा के संयुक्त संचालक हेमंत उपाध्याय और दुर्ग के संयुक्त संचालक जीएस मरकाम शामिल है। गरियाबंद में भी जिला शिक्षा अधिकारी डीएस चौहान को निलंबित किया गया है l

