नई दिल्ली/रायपुर : नई दिल्ली में शनिवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता पीएम नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में कई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल शामिल हुए।
बैठक में विकसित भारत पर चर्चा हुई। बैठक में पीएम ने 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लिए साझा दृष्टिकोण तैयार करने का आह्वान किया है। पीएम ने जोर देकर कहा कि केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को टीम इंडिया के रूप में काम करना चाहिए और साल 2047 तक लोगों के एक विकसित भारत के सपनों और आकांक्षाओं को पूरा करना चाहिए।
बैठक के बारे में जानकारी देते हुए नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि इसमें 19 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों/उपराज्यपालों ने भाग लिया। बैठक में 11 राज्यों के मुख्यमंत्री के नहीं आने पर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि पहले भी ऐसा देखा गया है। सुब्रह्मण्यम ने कहा, कई लोगों की लिखित वक्तव्य हमारे पास हैं। उन सब को संज्ञान में लेकर ही पॉलिसी बनती है। अगर आप शामिल नहीं भी होते हैं, तो भी केन्द्र सरकार सभी के लिए नीतियां बनाती और लागू करती है।
बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की आठवीं बैठक ‘विकासशील भारत’ थीम पर केन्द्रित थी। इस बैठक में इज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्वास्थ्य, MSME, महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर और PM गतिशक्ति पर चर्चा की गई। नीति आयोग के CEO ने कहा कि इस समय भारत टेक ऑफ मोमेंट में है। आंकड़ों के अनुसार कुछ साल में विश्व के 20% काम करने वाले आयुवर्ग के लोग भारत में होंगे।
अगर इस समय (अगले 25 साल) सही चीजें की गई तो भारत निरंतरता के साथ लंबी अवधि तक तेज़ गति से विकास कर सकता है। हम सड़क, बिजली, पानी जैसे आधारभूत जरूरतों को पूरा करने के बाद अब विकास की तरफ अग्रसर हैं।
