रायपुर : ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हिंदू राष्ट्र को लेकर बड़ा बयान दिया है। 17 दिन तक छत्तीसगढ़ में रहने वाले शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हमारी मांग हिंदू राष्ट्र की मांग नहीं है, बिना प्रारूप के उसपर कुछ कहना संभव नहीं है, हम रामराज्य की मांग करते हैं। शंकराचार्य की बातों का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामराज्य की बात शंकराचार्य ने बिल्कुल सही कही है। जब भी कुछ अच्छा होता है उसे रामराज्य कहा जाता है। रामराज्य की परिकल्पना महात्मा गांधी ने की थी, छत्तीसगढ़ सरकार भी उसी दिशा में काम कर रही है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि बिना प्रारूप कुछ कहना सही नहीं, क्योंकि ‘हमारी हिंदू राष्ट्र की मांग नहीं है, हम रामराज्य की मांग करते हैं’… उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों की तरीफ करते हुए कहा कि यहां के लोग पुराण प्रेमी हैं, हम उन्हें पुराण सुनाएंगे। शिक्षा नीति को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बदलाव की बात कही है। उन्होंने कहा कि मदरसे में ‘धार्मिक पढ़ाई हो सकती है तो स्कूलों में हिंदू धर्म की पढ़ाई क्यों नहीं? इतिहास जैसा है, वैसा ही पढ़ाया जाना चाहिए।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साईं बाबा को लेकर दिए गए पंडित धीरेन्द्र कृष्णा शास्त्री के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि साई बाबा को लेकर दिए गए बयान का हम समर्थन करते हैं। शिक्षा नीति में बदलाव की जरुरत है, मदरसे में अगर धार्मिक पढ़ाई हो सकती है तो, स्कूलों में हिंदू धर्म की पढ़ाई क्यों नहीं हो सकती है NCERT में मुगलों का चैप्टर हटाए जाने को लेकर कहा -इतिहास जैसा है, वैसा पढ़ाया जाना चाहिए,तठस्थ इतिहास के लिए जरुरी है कि सबको सबकुछ पढ़ाया जाना चाहिए l
