रायपुर : छत्तीसगढ़ की सियासत में मूंछ और बाल का मुद्दा बुधवार से ही गरमाया हुआ है। उधर, पूर्व सांसद रामविचार नेताम ने भाजपा की जीत के लिए नंदकुमार साय को बाल नहीं कटाने की प्रतिज्ञा करा दी, तो इधर, मंत्री अमरजीत भगत ने अपनी मुंछ दांव पर लगा दी। आज पूरे दिन सियासत में अमरजीत भगत की मुंछ और नंदकुमार साय के बालों की खूब चर्चा हुई।
भाजपा ने तो एक कदम आगे बढ़कर अमरजीत का दिसंबर 2023 का बिना मुंछों वाला मीम्स भी जारी कर दिया। अब इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चुटकी ली है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, अगर कसम खाना था तो खुद रामविचार नेताम को खाना चाहिये था, नंदकुमार साय को क्यों कसम दिला दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ..
नंदकुमार साय को जोगी से लड़ाकर रमन सिंह खुद मुख्यमंत्री बन गये। अगर कसम ही खाना था, तो रामविचार नेताम को खुद खान चाहिये था, नंदकुमार साय को क्यों कसम दिलायी, वैसे भी काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती…
चुनाव में जीत हार पर मुंछ-बाल दांव पर
आपको बता दे कि कल मुंछों और बालों का मुद्दा उस वक्त सामने आया था, जब भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान रामविचार नेताम ने नंदकुमार साय को कुर्सी से उठवाकर ये प्रतिज्ञा करा दी, कि जब तक भाजपा की सरकार नहीं बना देते, तब तक नंदकुमार साय अपना बाल नहीं कटायेंगे।
इधर नंदकुमार साय ने बाल नहीं कटाने की कसम ली, तो उधर अमरजीत भगत ने दो कदम आगे बढ़कर ऐलान कर दिया कि अगर 2023 में कांग्रेस दोबारा से जीतकर नहीं आयी तो अपनी मुंछ मुड़वा लूंगा। चुनाव में जीत हार पर मुंछ और बाल के दांव पर अब राजनीति में खूब बहस हो रही है।
