कोरबा : कोरबा के बांगो थाना परिसर में स्थित पुलिस बैरक में एएसआई की हत्या के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। ऐसे में एक तरफ जहां इस घटना को लेकर बीजेपी के नेता इस घटना को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। वही कोरबा प्रवास पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष ने भी पुलिस विभाग पर सवाल खड़े करते दिखे। डाॅ.चरणदास महंत ने कहा कि जब पुलिस ही सुरक्षित नही हैं, तो फिर और कौन सुरक्षित महसूस करेगा। डाॅ.महंत ने पुलिस को गंभीरता से कार्य करने को लेकर चेताने की बात कही हैं।
गौरतलब हैं कि कोरबा के बांगो थाना में पदस्थ एएसआई नरेंद्र सिंह परिहार की लहूलुहान लाश 10 मार्च की सुबह पुलिस कालोनी स्थित बैरक के कमरे में मिली थी। एएसआई की हत्या की जानकारी मिलने के बाद बांगो थाना सहित पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। पुलिस थाने से महत कुछ फलांग की दूरी पर स्थित पुलिस बैरक में हुए निरशंस हत्या की जानकारी मिलते ही एसपी यू.उदय किरण ने हत्यारों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग टीम बनाकर काम पर तैनात किया गया था।
लेकिन इस हत्याकांड के 60 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। शनिवार की रात बिलासपुर रेंज के आईजी बी.एन. मीणा बांगो थाना पहुंचे थे। आई.जी. ने अधिकारियों की बैठक लेकर विशेष दिशा-निर्देश दिये गये।उधर एएसआई की हत्या को लेकर जहां पुलिस हत्यारे का सुराग जुटाने में ऐढ़ी चोटी का जोर लगाये हुए हैं। वही विपक्ष इस घटना पर प्रदेश सरकार को घेरने में लग गयी हैं। वही कोरबा प्रवास पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष डाॅ.चरणदास महंत से जब इस मुद्दे पर मीडिया ने सवाल पूछा तो उन्होने साफ कह दिया कि जब पुलिस ही सुरक्षित नही है, तो फिर और कौन सुरक्षित होगा।
एएसआई की हत्या के मामले में डाॅ.महंत ने एस.पी. व एडिशनल एसपी से बात जानकारी लेने की बात कहते हुए ये तक कह दिया कि उन्होने पुलिस को चेताया हैं कि वे गंभीरता से काम करे। कोरबा में डाॅ.चरणदास महंत के इस बयान के बाद कही ना कही एक बार फिर पुलिस पर इस मामले को सुलझाने का दबाव बनता जा रहा हैं। पुलिस अधिकारी इस हत्याकांड से जुड़े सुरागों को जोड़कर हत्यारे तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन राजनीतिक बयानबाजी के जरिये कही ना कही कोरबा पुलिस सवालिया निशान उठाने का प्रयास भी किया जा रहा हैं।
