रायपुर : भारत में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो भारतीय रेलवे में सफर नहीं किए होंगे। लोगों को अपने अपने रिश्तेदार के यहाँ दूसरे राज्य जाना हो या कही छुट्टी मानाने के लिए घूमने जाने जाना हो भारतीय रेलवे उनकी पहली पसंद होती हैं।
इसके पीछे मुख्य कारण दी जाएं वाली कई सुविधाएं हैं। दुनिया में चौथी सबसे बड़ी रेलवे सिस्टम भारतीय रेलवे ही हैं। लेकिन आपने एक चींज नीतीश जरूर की होगी कि कई ट्रेनों के रंग अलग अलग होते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं हैं। तो चलिए हम आपके इसके बारे बताते हैं।
आईसीएफ कोच
शताब्दी एक्सप्रेस जैसी मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की तरह अधिकांश यात्री ट्रेन के डिब्बे आमतौर पर नीले रंग में रंगे होते हैं और ICF डिब्बों के अंतर्गत आते हैं। ये स्वतंत्र भारत की शुरुआती उत्पादन इकाइयां भी हैं और इन्हें एंट्री-लेवल कोच के रूप में जाना जाता है।
एलएचबी कोच
ये कोच आईसीएफ की तुलना में हल्के रंग के होते हैं क्योंकि ये कोच इनसे तेज होते हैं। भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों के लिए विभिन्न एलएचबी कोच लॉन्च किए हैं जिनमें एलएचबी राजधानी एक्सप्रेस, एलएचबी शताब्दी एक्सप्रेस, एलएचबी तेजस एक्सप्रेस, एलएचबी डबल डेकर, एलएचबी हमसफर और एलएचबी गतिमान शामिल हैं।
एलएचबी राजधानी
एलएचबी राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें डिफॉल्ट रूप से लाल रंग की ट्रेनें हैं और राष्ट्रीय राजधानी को देश भर के राज्यों से जोड़ने के लिए संचालित की जाती हैं।
एलएचबी शताब्दी
एलएचबी शताब्दी को ऊपर और नीचे से हल्के नीले और भूरे रंग में रंगा गया है। एलबीएच शताब्दी छोटी और मध्यम दूरी तय करने वाली सबसे तेज ट्रेनों में से एक है।
एलएचबी तेजस
तेजस एक्सप्रेस पीले और नारंगी रंग के होते हैं। यह एक्सप्रेस ट्रेन एलएचबी चेयर कार के डिब्बों के समान है, लेकिन दूसरों के विपरीत यहां दरवाजे पूरी तरह से ऑटोमैटेड हैं और इनमें सीसीटीवी की सुविधा है।
