महासमुंद : जिले में दरिंदगी की वो तस्वीर सामने आई है कि जिसने भी ये किस्सा सुना उसने अपनी मुट्ठी भींच ली, जिसमें कुछ लोगों ने एक नाबालिग लड़की के मुंह में चलती हुई लकड़ी ठूंस दी और सभी आरोपी एक आश्रम के सेवादार हैं। धर्म कोई भी हो, उसका पहला मकसद शांति होता है। लेकिन आश्रम के इन सेवादारों को क्या कहा जाए? दर्द के बिस्तर पर लेटी ये वो बदनसीब है, जो कराहते हुए करवट भी नहीं ले सकती।
महासमुंद जिले के बागबहरा इलाके की इस लड़की के मुंह में जलती हुई लकड़ी ठूंस दी गई थी। इससे इसका मुंह, तालु, गला जल गया है। साथ ही इसके पैर, जांघ और पीठ को भी जलती लकड़ी से जला दिया गया है। कसूर सिर्फ ये था कि ये पतेरापाली स्थित जय गुरुदेव मानस आश्रम में भोग लगाने को लेकर हुए विवाद की जद में आ गई। महाशिवरात्रि के दिन पूजा के लिए आश्रम पहुंची ये लड़की यहीं पूजा के लिए रुक गई जिसका सेवादारों के साथ पूजा-पाठ को लेकर विवाद हुआ था।
आश्रम के सेवादारों ने नाबालिग लड़की के साथ जमकर मारपीट की। इतने पर भी उनका जी नहीं भरा, तो उन्होंने उसके मुंह में जलती लकड़ी ठूंस दी। छत्तीसगढ़ डडसेना कलार सिन्हा समाज ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को ज्ञापन सौंपा। उधर पुलिस ने आरोपी नरेश पटेल, भोजराम साहू और राकेश दीवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस एक्शन में आई और आश्रम के संचालक रमेश ठाकुर को भी धर दबोचा। सभी के खिलाफ हत्या की कोशिश का केस रजिस्टर किया गया है।
वहीं, महासमुंद के जय गुरुदेव आश्रम में हुई हैवानियात की पड़ताल करने पहुंची। जहां हमारी टीम को एक सनसनीखेज डायरी मिली, जिसमें भूत-प्रेत को काबू करने का दावा है। इसमें अलग-अलग जगहों पर आत्माओं को कैद करने की जानकारी है। डायरी में 15 से ज्यादा आत्माओं को अलग-अलग जगहों पर कैद करने का जिक्र है।
