छत्तीसगढ़ में 10 साल तक चीफ पायलट रहे कैप्टन डीएस मिश्रा ने दुबारा शादी रचा ली है. वह ओडिशा सरकार के पूर्व गृह राजयमंत्री रह चुकें है. कुछ गंभीर आरोपों के बाद उन्हें पटनायक कैबिनेट में तो जगह नहीं मिली मगर वह कालाहांडी जूनागढ़ के विधायक पद पर बने हुए है. पुरी जिले के पिपिली में एक रिसॉर्ट में बेहद करीबी रिश्तेदारों की मौजूदगी में उन्होंने 25 फरवरी को शादी की.
इसमें पार्टी के कोई भी नेता आमंत्रित नहीं थे. कैप्टन मिश्रा कालाहांडी जिले के जूनागढ़ के विधायक हैं. उन्होंने जूनागढ़ क्षेत्र के ही गोलामुंडा ब्लॉक के डेकोटा गांव की प्रियंका अगस्ती से दूसरी शादी की है. प्रियंका पेशे से इंजीनियर हैं. वह भवानी अगस्ती की बेटी हैं. प्रियंका की भी यह दूसरी शादी है. यह शादी पुरी के एक रिसॉर्ट में हुई है। जानकारी अनुसार, इन दोनों का दूसरा विवाह है, पहले इन दोनों की एक-एक शादी हो चुकी है, जिसके बाद दोनों का तलाक भी हो चुका है।
बता दें कि डीएस मिश्रा करीब 10 साल से छत्तीसगढ़ सरकार के चीफ हेलिकॉप्टर पायलट रहे। इसके बाद वो नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीति में चले गए। पहली बार बीजू जनता दल की टिकट से विधानसभा का चुनाव लड़े, और जीतकर विधायक बने। वो दूसरी बार भी भारी वोटों से चुने गए। मिश्रा का छत्तीसगढ़ के नेताओं, कारोबारी, और अफसरों से बहुत अच्छे संबंध हैं। उनका यहां आना भी होता है।
पिछले साल धोना पड़ा था मंत्री पद से हांथ
कैप्टन डीएस मिश्रा दस साल तक छत्तीसगढ़ सरकार के चीफ पायलट रहे. इस दौरान वे जूनागढ़ में भी सक्रिय रहे. आखिरकार यहां की नौकरी छोड़कर उन्होंने बीजू जनता दल जॉइन कर लिया था. जूनागढ़ सीट से विधायक बनने के बाद वे पार्टी संगठन में कई पदों पर रहे. बीजू जनता दल के प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभाई. इसी बीच मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के काफी करीब आ गए थे.
इसके बाद पटनायक ने उन्हें अपनी टीम में गृह राज्यमंत्री के साथ-साथ कई और विभाग मिले. पिछले साल कालाहांडी की एक महिला शिक्षिका के अपहरण और हत्या के मामले में उन पर मुख्य आरोपी को बचाने के आरोप लगे थे. इसे लेकर विपक्षी पार्टियों ने काफी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें जून, 2022 में मंत्री पद से हटा दिया गया था.
