रायपुर :- विजयादशमी के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास में विधि-विधान से शस्त्र पूजा की और मां भगवती की आराधना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। दशहरे के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने भी इस परंपरा का निर्वहन करते हुए शक्ति, सत्य और न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा किया संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शस्त्र पूजा के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा, ‘शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्रचिन्ता प्रवर्तते।’इसका भावार्थ है कि राष्ट्र सुरक्षित रहता है, तभी ज्ञान, शास्त्र और चिंतन की परंपरा फलती-फूलती है।मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विजयादशमी का पर्व धर्म, सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है। यह पर्व शक्ति के साथ संयम और सामर्थ्य के साथ कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखने की प्रेरणा देता है।
मां दुर्गा की आराधना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना
मुख्यमंत्री ने मां भगवती से प्रार्थना की कि उनके आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ विकास, सुशासन और समृद्धि के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक परिवार में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहने की मंगलकामना भी की।
विजयादशमी पर शस्त्र पूजा का विशेष महत्व
भारतीय परंपरा में विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। यह परंपरा शक्ति, साहस, कर्तव्य और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष के संकल्प से जुड़ी है। दशहरा बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक भी है।मुख्यमंत्री निवास में आयोजित शस्त्र पूजा के माध्यम से विजयादशमी की परंपरा का निर्वहन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निरंतर प्रगति और नागरिकों के सुखमय जीवन की कामना की।

