मेरठ:- उत्तर प्रदेश की मेरठ की जिला जज और अतिरिक्त जिला जज के अदालत से तीन दिन में मर्डर के दो चर्चित केसों में ऐतिहासिक फैसलों ने जल्द न्याय मिलने के प्रति आमजन की उम्मीद और बढ़ा दी। दो अलग-अलग मामलों में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद एक समान 7 बातें सामने आई हैं। सवाल उठ रहा है कि एक जिले मेरठ की रहने वाली, प्यार में पागल होकर रिश्तों को कलंकित करने वाली, प्रेमियों संग मिलकर पतियों की हत्या का एक जैसा गुनाह (हत्या) करने वाली, एक ही जेल (मेरठ) में बंद, एक ही जिले (मेरठ) की अदालत से एक ही सजा (फांसी) पाई मुस्कान और रविता को क्या फांसी के फंदे पर लटकने तक यानी अपनी जिदंगी की बची सांसे अब एक ही जेल (मथुरा) में पूरी करेगी?
जानकारों का मानना है कि दोनों ही केस में बहुत सारी बातें समान हैं। इसलिए, फांसी की सजा होने तक अब दोनों को मेरठ से मथुरा जेल में रहना पड़ सकता है, क्योंकि यूपी में सिर्फ मथुरा जेल में ही महिला फांसीघर हैं। अगर कोई तकनीकी और कानूनी बाधा नहीं आई और फांसी दी गई तो मथुरा जेल में ही दिए जाने की ज्यादा संभावना है।
जानकारों का मानना है कि दोनों ही केस में बहुत सारी बातें समान हैं। इसलिए, फांसी की सजा होने तक अब दोनों को मेरठ से मथुरा जेल में रहना पड़ सकता है, क्योंकि यूपी में सिर्फ मथुरा जेल में ही महिला फांसीघर हैं। अगर कोई तकनीकी और कानूनी बाधा नहीं आई और फांसी दी गई तो मथुरा जेल में ही दिए जाने की ज्यादा संभावना है।
एक केस में 590, दूसरे में 547 दिन में सजा
दरअसल, पति की हत्या करके सांप से डसवाने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को वारदात के 547 दिन बाद मेरठ अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। जबकि नीले ड्रम में सौरभ मर्डर केस का फैसला भी 590 दिन में दो दिन पहले बुधवार को सुनाया गया था। उसमें भी हत्या करने वाली पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई गई थी। दोनों ने सुनवाई के दौरान सजा के बारे में जज के पूछने पर लगभग एक सी ही भावनात्मक गुहार बचाव में लगाई।
सजा सुनाने से पहले कोर्ट ने सांप कांड (अमित हत्याकांड) में दोषी उसकी रविता और प्रेमी अमरदीप से भी नीले ड्रम मर्डर केस की तरह उसके दोषी मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जेल से सुना। जज ने दोनों ही केस के पूछा कि तुम दोनों को हत्या का दोषी ठहराए गए हो। क्या सजा चाहते हो? इस पर शुक्रवार को सांप कांड में पति की हत्या की दोषी पत्नी रविता ने कहा- सर, मेरे 3 छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनका ख्याल रखा जाए। फिर वह चुप हो गई।
रविता का प्रेमी अमरदीप बोला कि मेरे मां-बाप बूढ़े हैं। उनकी सेवा करने वाला कोई नहीं है। उनकी देखभाल में कोई कमी न रहे। इसके बाद दोनों फूट-फूट कर रोने लगे। इसी तरह जब नीले ड्रम केस में बुधवार को फांसी की सजा सुनाई गई थी तब भी जज ने दोनों से यहीं सवाल किया था। मुस्कान ने अपनी बच्ची का ख्याल रखने की बात कही थी। वहीं, साहिल जज साहब को देखता रहा, लेकिन चुप रहा था
क्या था सांप कांड
13 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित कश्यप की गला घोटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद सांप डसने से मौत दिखाने के लिए बिस्तर पर सांप छोड़ दिया था। हत्या के 60 दिन बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की कोर्ट में 547 दिन में 87 तारीखें और 12 से ज्यादा गवाहों के बयान हुए। 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया। 16 अक्टूबर को कोर्ट ने दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई।

