रायपुर:- ग्राम सूर स्थित केन मेमोरियल इंग्लिश मीडियम स्कूल के हॉस्टल में करंट लगने से 10वीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र आशुतोष लकड़ा की मौत हो गई। घटना 10 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। आरोप है कि हादसे के बाद हॉस्टल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की और गंभीर रूप से झुलसे छात्र को तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाने के बजाय पहले एक निजी क्लीनिक पहुंचाया गया। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां पहुंचने तक काफी देर हो चुकी थी। घटना के बाद आक्रोश बढ़ा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने हॉस्टल वार्डन को निलंबित कर दिया।
मृतक छात्र की पहचान ग्राम तमता निवासी आशुतोष के रूप में हुई है। उसके पिता का नाम विकास लकड़ा बताया गया है। जानकारी के मुताबिक, हॉस्टल में बिजली के बैकअप के लिए इनवर्टर लगाया गया था। आरोप है कि इनवर्टर से जुड़ा तार कमरों और बाथरूम के पास से होकर गुजर रहा था। तार का बाहरी कवर कट जाने से करंट फैलने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी चपेट में छात्र आ गया। हालांकि, हादसे की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद गंभीर रूप से झुलसे छात्र को नजदीकी सरकारी ट्रॉमा सेंटर ले जाने के बजाय खड़गांव के एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले जाने की बात सामने आई है। बताया गया कि उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर करीब एक घंटे बाद सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इस दौरान हुई देरी को लेकर हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। छात्र की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
छात्र की मौत की खबर सामने आने के बाद सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पदाधिकारियों ने हॉस्टल परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक नारेबाजी और विरोध के बाद प्रशासन ने हॉस्टल वार्डन राजधानी खेस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

