कबीरधाम/दुर्ग:- पुलिस समय-समय पर लोगों को ठगों से सावधान रहने की हिदायत देती रहती है. बावजूद इसके पढ़े लिखे लोग ठगों के जाल में फंस जाते हैं. ऐसी ही 2 शिकायतें सामने आई हैं, जहां सरकारी नौकरी बिना परीक्षा पास किए पाने के चक्कर में लोगों ने लाखों रुपए ठगों को सौंप दिए.
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
पहली घटना कवर्धा के पंडरिया थाना इलाके की है, जहां असिस्टेंट पोस्टमास्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर पीड़ित से 2 लाख 74 हजार ठग लिए गए. ठग ने आरोपी को नकली नियुक्ति पत्र देकर कहा कि उसकी नौकरी हो गई है, वह जाकर नौकरी ज्वाइन कर ले. पीड़ित ने बाद में जब नौकरी का ज्वाइनिंग लेटर गौर से देखा तो पता चला कि वो नकली है. पीड़ित ने ज्वाइनिंग लेटर कई और लोगों को दिखाया. सभी लोगों ने उसे बताया कि यह फर्जी है. नौकरी का ज्वाइनिंग लेटर संबंधित विभाग की ओर से उसके आवासीय पते पर आता है, न की किसी और के पते पर. खुद के ठगे जाने की खबर जब पीड़ित को लगी तो उसने इसकी शिकायत पंडरिया थाने में जाकर की.
पंडरिया थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
शिकायत दर्ज होने के बाद पंडरिया थाने ने आरोपी के विरुद्ध अपराध कायम कर उसकी जांच पड़ताल शुरू की. पुलिस की एक विशेष टीम ने आरोपी की पतासाजी कर उसे दबोच लिया. पकड़े गए आरोपी का नाम पंकज टंडन है, जो मल्दा कला, थाना हसौद, जिला सक्ती में रहता है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि उसकी नंदलाल चन्द्राकर से पूर्व से जान-पहचान थी, इसी का फायदा उठाते हुए उसने जनवरी 2024 में पोस्ट ऑफिस में नौकरी लगाने का झांसा देकर विश्वास में लिया. बाद में अलग-अलग डिजिटल माध्यमों के जरिए उससे 2 लाख 74 हजार ठग लिए.
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख की ठगी
नौकरी के नाम पर ठगी का दूसरा मामला दुर्ग से सामने आया है. यहां सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लाख की ठगी की गई. ठगी का ये मामला करीब 8 साल पुराना है. आरोपी ने संभाग आयुक्त कार्यालय दुर्ग में चपरासी के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 2 लोगों से कुल 5 लाख लिए थे. जांच अधिकारी ने बताया कि घटना साल 2018 का है. शिकायतकर्ता डी. सत्य साईं ने पुरानी भिलाई थाने में अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी.
