उज्जैन:- गणेश चतुर्थी में अब सिर्फ एक ही दिन शेष हे यानि 14 सितंबर को भगवान गणेश जी देशभर में स्थापना की जाएगी। पूरे 11 दिन तक चलने वाले गणेश पर्व को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बीच उज्जैन जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है में भगवाण गणेश की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। ये वीडियो ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब उज्जैन में ही हनुमान जी के मंदिर को शिफ्ट करने का दावा किया जा रहा है। दावा ये भी किया जा रहा है कि लाखों कोशिश के बाद भी हनुमान जी की मूर्ति को हटाया भी नहीं जा सका है। गणेश जी का रोते हुए वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है। बता दें कि इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है और ना ही किसी की छवि खराब करने का इरादा रखता है।
रोने लगे भगवान गणेश जी
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि गणेशजी की आंखों से पानी निकल रहा है, जिसे लेकर दावा किया जा रहा है कि वो रो रहे हैं। वहीं, गणेशजी की आंखों से निकल रहे पानी को एक बार कपड़े से साफ किया जाता है, लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी आंखों में फिर से पानी भर आता है। वीडियो वायरल होने के बाद भक्तों की भीड़ भगवान गणेशजी के दर्शन के लिए उमड़ पड़ी है। मंदिर में पूजा-अर्चना का दौर तेज हो गया है।
चोला नहीं चढ़ाने से हुए थे नाराज
मिली जानकारी के अनुसार ये घटना उज्जैन से करीब 15 किलोमीटर दूर ताजपुर गांव का है, जहां रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार सुबह लगभग 6:30 बजे जब लोग माता जी के झोपड़े पर दर्शन करने पहुंचे, तब वहां प्रतिमा के रोते हुए का दृश्य दिखाई दिया। गणेशजी की आंखों से आंसू निकलता देख ग्रामिणों ने गांव के वरिष्ठ लोगों को सूचना दी। इसके बाद भी ग्रामीणों ने एकत्र होकर मंदिर परिसर में भगवान गजानन जी महाराज की महाआरती की। इस दौरान मंदिर में ढोल बजाए गए और विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा की गई।
चोला चढ़ाने के बाद नहीं निकला आंखों से आंसू
वहीं, ग्रामीणों ने मानें तो शनिवार सुबह ही करीब साढ़े 6 बजे गांव में नजर पूजा का आयोजन किया गया था। इससे पहले गांव में गणेशजी की यात्रा भी निकाली गई थी। यात्रा के बाद गणेशजी को चोला चढ़ाना था, लेकिन किसी कारणवश पंचायत की ओर से ऐसा नहीं किया गया। ग्रामीणों का ऐसा मानना है कि गणेशजी को चोला नहीं चढ़ाया गया जिसके चलते ऐसा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि गणेशजी के नाराज होने का अहसास होने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत भगवान गणेश की यात्रा निकाली और प्रतिमा को चोला अर्पित किया। ग्रामीणों का दावा है कि चोला चढ़ाने के बाद प्रतिमा की आंखों से निकलने वाली पानी की बूंदें धीरे-धीरे कम होने लगीं। दोपहर लगभग 1:30 बजे के आसपास आंसू काफी कम हो गए। फिलहाल, प्रतिमा की आंखों से पानी आने की वास्तविक वजह क्या है, इसे लेकर कोई वैज्ञानिक या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

