राजस्थान:- जैसलमेर से एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की रानीसर कच्ची बस्ती में एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में आग से बुरी तरह झुलस गई। करीब 90 प्रतिशत तक झुलसी महिला को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया। मंगलवार को उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई।
मृतका की पहचान कमला के रूप में हुई है। घटना के बाद उसके पति प्रकाश ओड ने पुलिस को बताया था कि कमला ने खुद आग लगाई थी। हालांकि घटनास्थल की शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को पति की बताई कहानी और मौके से मिले तथ्यों में कुछ अंतर नजर आया। इसके बाद पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच तेज कर दी।
पुलिस के मुताबिक घटना रविवार देर रात की है। कमला अपने पति के साथ घर के बाहर खुले स्थान पर सो रही थी। इसी दौरान महिला आग की लपटों से घिर गई। घटना के बाद आसपास हड़कंप मच गया।महिला को गंभीर हालत में उसके पति, देवर और सास-ससुर अस्पताल लेकर पहुंचे। आग में कमला का शरीर करीब 90 फीसदी तक झुलस चुका था। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जोधपुर रेफर कर दिया।
घटना के बाद पति प्रकाश ने पुलिस को बताया कि कमला ने खुद ही आग लगा ली थी। शुरुआत में पुलिस ने इस बयान को दर्ज किया, लेकिन जब टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तो कुछ बातें जांच अधिकारियों को असामान्य लगीं।पुलिस के अनुसार मौके पर मुख्य रूप से बिस्तर जला हुआ मिला, जबकि कमला का पति भी उसी के आसपास मौजूद था। ऐसे में पुलिस ने घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए।
जांच अधिकारियों का मानना है कि अगर महिला ने खुद आग लगाई होती तो आग के फैलने की स्थिति और आसपास मौजूद व्यक्ति के प्रभावित होने की संभावना समेत कई पहलुओं की जांच जरूरी थी। इसी वजह से पुलिस ने पति के बयान को अंतिम सत्य मानने के बजाय घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
घटना के समय कमला के दोनों बच्चे भी घर पर ही थे। उनकी उम्र करीब 4 साल और डेढ़ साल बताई जा रही है। दोनों बच्चे घटना के वक्त अपने दादा-दादी के पास सो रहे थे।घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए और आसपास की परिस्थितियों की जानकारी ली। बच्चों के घटना के समय अलग जगह सोने की बात भी जांच का हिस्सा बनाई गई है।महिला की मौत की खबर मिलने के बाद उसके मायके वाले जैसलमेर पहुंचे। रामदेवरा निवासी कमला के भाई भोमाराम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कमला की शादी करीब नौ साल पहले प्रकाश ओड के साथ हुई थी। प्रकाश ट्रैक्टर और टैक्सी चलाने का काम करता है। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही कमला को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के पीछे घरेलू विवाद और दहेज प्रताड़ना की भूमिका हो सकती है।
कमला के भाई ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उसकी बहन को उसके पति ने पेट्रोल डालकर आग लगाई। साथ ही उसने इस कथित साजिश में ससुराल के अन्य सदस्यों के शामिल होने का भी आरोप लगाया है।हालांकि इन आरोपों की अभी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने शिकायत और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर मामले को गंभीरता से लिया है। ससुराल पक्ष के अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है।
महिला की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर लिया है। पति प्रकाश ओड को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना की रात वास्तव में क्या हुआ था और महिला आग की चपेट में कैसे आई।जांच में यह भी देखा जा रहा है कि घटना से पहले पति-पत्नी के बीच किसी तरह का विवाद हुआ था या नहीं। इसके अलावा पेट्रोल का इस्तेमाल हुआ या नहीं, आग किस तरह लगी और घटनास्थल पर मौजूद परिस्थितियां क्या थीं, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम जाखड़ के मुताबिक, महिला के पति की ओर से घटना को लेकर जो जानकारी दी गई थी, उसमें और घटनास्थल से सामने आए तथ्यों में अंतर नजर आया है। इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू की।पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
कमला की मौत के बाद पुलिस के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आग कैसे लगी और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। क्या महिला ने खुद आग लगाई थी या फिर जैसा मायके पक्ष ने आरोप लगाया है, उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई?इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। फिलहाल पुलिस ने पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

