कुल्लू:- साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण आज (बुधवार, 12 अगस्त को) लगेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा और दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात में लगेगा, इसलिए भारत के लोग इसे नहीं देख पाएंगे. ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान गर्भवती महिलाओं के लिए कुछ विशेष सावधानियां बरतनी होती हैं. हालांकि, भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने के कारण यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा. पंचांग के अनुसार, 12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी और यह देर रात 1 बजकर 27 मिनट तक चलेगा. दुनिया के जिन हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा, उनमें स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, पुर्तगाल, आर्कटिक और उत्तरी रूस के कुछ हिस्से शामिल हैं.
पूजा-पाठ पर रोक नहीं
आचार्य दीप कुमार ने बताया कि सनातन धर्म से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है. इस दौरान शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक मानी जाती है. लेकिन 12 अगस्त का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ऐसे में यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे. नियमित पूजा-पाठ भी किया जा सकेगा.
गर्भवती महिलाओं को रखना होगा विशेष ध्यान
आचार्य दीप कुमार ने बताया कि धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा जाता है. मान्यता के अनुसार उन्हें ग्रहण काल में घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. साथ ही चाकू, कैंची, सुई या किसी अन्य धारदार और नुकीली वस्तु का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है. इस दौरान मन को शांत रखते हुए ईश्वर का ध्यान और सिमरन करने की भी मान्यता है.
भोजन को लेकर भी धार्मिक मान्यता
आचार्य दीप कुमार के अनुसार धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने और भोजन दूषित होने की बात कही जाती है. इसी वजह से ग्रहण काल में खाना बनाने या पकाने से बचने की सलाह दी जाती है. गर्भवती महिलाओं को भारतीय समय के अनुसार ग्रहण काल शुरू होने से पहले भोजन कर लेने और सात्विक भाव के साथ प्रभु का ध्यान करने की सलाह दी गई है.

