रायपुर:- महादेव सट्टा एप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के अवैध आनलाइन सट्टेबाजी और मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है।
रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। अब ईडी इस दौरान महादेव एप से जुड़े पैसों के निवेश, हवाला नेटवर्क, शेल कंपनियों, विदेशी लेन-देन और कारपोरेट अधिग्रहण में इस्तेमाल हुई रकम को लेकर पूछताछ करेगी।
विकास गर्ग इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की अहम कड़ी
एजेंसी का मानना है कि विकास गर्ग इस पूरे वित्तीय नेटवर्क की अहम कड़ी है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ईडी ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) की थीं। इनमें दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्थित आवासीय संपत्तियां, जमीन, करोड़ों रुपये के शेयर, प्रतिभूतियां तथा अन्य निवेश शामिल हैं।
दिल्ली से गिरफ्तारी, रायपुर लाकर अदालत में पेश किया
ईडी ने मंगलवार को विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें तिस हजारी कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया और फिर रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किए जाने पर अदालत ने उन्हें 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। छह घंटे चली बहस के बाद कोर्ट ने रिमांड दी है।
भिलाई से शुरू हुआ था महादेव ऐप का नेटवर्क
महादेव आनलाइन सट्टा की शुरुआत छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने कोविड-19 महामारी के दौरान की थी। शुरुआत में यह आनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफार्म था, लेकिन बाद में इसका नेटवर्क देश-विदेश तक फैल गया।
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस प्लेटफार्म के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार किया गया। सट्टे से कमाई गई रकम को हवाला के जरिए दुबई सहित अन्य देशों में भेजा गया और फिर विभिन्न कंपनियों के माध्यम से उसे वैध निवेश के रूप में वापस भारत लाया गया।
स्काई एक्सचेंज के जरिए पहुंची करोड़ों की रकम
ईडी की जांच में सामने आया है कि महादेव सट्टा एप के प्रमोटरों ने स्काई एक्सचेंज नामक आनलाइन बेटिंग प्लेटफार्म का भी इस्तेमाल किया। एजेंसी के अनुसार, स्काई एक्सचेंज के दुबई स्थित संचालक और हवाला आपरेटर हरि शंकर तिबड़ेवाल के माध्यम से करोड़ों रुपये भारत भेजे गए।
जांच में आरोप है कि यही धन अलग-अलग कंपनियों के जरिए विकास गर्ग की कंपनियों तक पहुंचा और बाद में उसे वैध कारोबारी निवेश का स्वरूप दिया गया।
1,300 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जांच के घेरे में
ईडी के मुताबिक विकास गर्ग की कंपनी एराया लाइफस्पेस लिमिटेड को स्काई एक्सचेंज के माध्यम से 1,300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई। जांच एजेंसी का दावा है कि इस रकम का इस्तेमाल अमेरिका की दिवालिया घोषित हो चुकी कंपनी एबिक्स ग्रुप में लगभग 1,273.25 करोड़ रुपये का अधिग्रहण करने के लिए किया गया।

