सूरजपुर :- किसानों के लिए बारिश खुशी लाती है.बारिश के समय प्रकृति का रंग पूरी तरह निखर जाता है.हरे भरे वन और कल-कल करती नदियां लोगों को अपनी ओर खींचती है.आज के आधुनिक युग में भी अच्छी बारिश के लिए पुरानी परंपरा और रीति रिवाज निभाए जाते हैं,ऐसी ही एक परंपरा का निर्वहन सूरजपुर में हुआ.
अच्छी बारिश के लिए निभाई गई परंपरा
सूरजपुर जिले में अच्छी बारिश की कामना को लेकर एक अनोखी परंपरा देखने को मिली. बारिश में हो रही देरी और खेती-किसानी की चिंता ने ग्रामीणों को परेशानी में डाल दिया था.इसलिए ग्रामीणों ने अच्छी बारिश के लिए सदियों पुरानी परंपरा को एक बार फिर निभाया. ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के उद्देश्य से मेंढक और मेंढकी का पूरे रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह कराया.इस अनोखी शादी में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और पूरे आयोजन को पारंपरिक विवाह की तरह धूमधाम से संपन्न कराया गया.
दूल्हा दुल्हन की तरह सजे मेंढक मेंढकी
शादी के दौरान मेंढक मेंढकी को दूल्हा-दुल्हन की तरह सजाया गया .इसके बाद बाजे-गाजे के साथ बारात निकाली गई, जिसमें ग्रामीण जमकर नाचे-गाए. महिलाओं ने मंगल गीत गाए तो वहीं युवाओं और बच्चों ने भी इस अनूठे आयोजन का भरपूर आनंद लिया. विवाह की सभी रस्में विधि-विधान से पूरी कराई गईं और अंत में नवविवाहित जोड़े का आशीर्वाद लेकर अच्छी बारिश की प्रार्थना की गई. ग्रामीणों का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है.

