मध्य प्रदेश:- शहर इंदौर में ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है. बेटी के प्रेमी से मिलने की जिद का बाद परिवार के सदस्य इस कदर खफा हुए कि भाई और मां ने उसकी हत्या कर दी. आरोप है कि प्रेमी से मुलाकात की जिद कर रही हींग व्यापारी की 25 वर्षीय बेटी को भाई और मां ने सिर दीवार से दे मारा, जिससे कान के पीछे गंभीर चोट आई. मां भी मारपीट में शामिल थी. युवती के शरीर पर 12 से 13 चोट के निशान मिले. गंभीर चोटों और अधिक खून बहने की वजह से हींग व्यापारी की 25 वर्षीय बेटी की मौत हो गई. हैरत की बात यह है कि मां और बेटे 3 महीने तक रिश्तेदारों और पड़ोसियों के साथ पुलिस को भी गुमराह करते रहे.
इंदौर पुलिस के मुताबिक, हीरानगर थाना क्षेत्र में ज्योति अग्रवाल (25) की मौत को 4 अप्रैल, 2026 को हुई थी. शुरुआत से ही परिवार इसे आत्महत्या बता रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में यह मामला मामला ऑनर किलिंग का है. आरोप है कि ज्योति लगातार प्रेमी से मिलने की बात कर रही थी, जिससे भाई ने युवती का सिर दीवार पर पटका था. इस दौरान मां ने उसका साथ दिया था. हत्या के बाद मां और बेटे ने अपना जुर्म छिपाने के लिए युवती को जहरीला पदार्थ खिलाकर अस्पताल में भर्ती करवा दिया था, जहां उसकी मौत हो गई. वहीं, पीएम रिपोर्ट में शरीर पर मिले चोट के निशान और डिलीट डीवीआर फुटेज से पुलिस का शक गहरा गया और जांच में सारी सच्चाई सामने आ गई.
मुलाकात के बाद प्यार कर बैठी ज्योति
जांच और सबूतों के आधार पर पुलिस ने ज्योति अग्रवाल की हत्या मामले में भाई विकास अग्रवाल और मां शीतल अग्रवाल को अरेस्ट कर लिया. बजरंग नगर के रहने वाले हींग व्यापारी ज्योति अग्रवाल कारोबार करती थी, इस बीच चंद मुलाकातों के बाद उसका दूसरी जाति के एक युवक से अफेयर हो गया. परिवार को इसकी जानकारी लगी तो विरोध शुरू हो गया. हत्या पूर्व नियोजित नहीं थी. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ज्योति 2 अप्रैल को अपने प्रेमी से मिलने के लिए घर से जा रही थी. इसी बात पर घर में विवाद शुरू हो गया.
पिटाई से आई शरीर पर चोट
बहस इतनी बढ़ी कि भाई विकास ने गुस्से में ज्योति के साथ मारपीट कर दी. गुस्साए भाई विकास अग्रवाल ने बहन ज्योति का सिर दीवार में दे मारा. मां ने भी ज्योति की पिटाई की. कुल मिलाकर युवती के शरीर पर 12 से 13 चोट के निशान मिले. इसके बाद हत्या को आत्महत्या बताने के लिए ज्योति को जबरन जहर पिला दिया. इसके बाद घायल हालत में ज्योति को अस्पताल ले जाया गया, जहां 4 अप्रैल को उसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि 30 मिनट तक उसकी पिटाई होती रही और वह चीखती रही, लेकिन पड़ोसी भी शांत रहे, क्योंकि उन्हें हत्या का अंदाजा नहीं था. उन्हें लगा सामान्य झगड़ा है और शांत हो जाएगा.
सीसीटीवी के साथ हरकत ने बढ़ाया शक
उधर, पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा बारीकी से निरीक्षण किया तो सीसीटीवी में 3 दिन का डीवीआर रिकार्ड गायब था. जांच अधिकारियों को यह भी संदिग्ध लगा कि डीवीआर पर धूल तक नहीं जमी थी, जिससे आशंका हुई कि हाल ही में इससे छेड़छाड़ की गई है. सख्ती से पूछताछ में भाई विकास अग्रवाल ने स्वीकार किया कि विवाद के दौरान उसने ज्योति का सिर दीवार से टकरा दिया था. फिलहाल भाई को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मां जेल भेज दिया गया है.

