आगरा:- पति की हत्या करके शव बाथरूम में दफनाने वाली पत्नी शनिवार देर शाम जेल भेजी गई. कई घंटे की पूछताछ में आरोपिता अकेले ही पति की हत्या करके शव बाथरूम में दफनाने के बयान पर कायम रही. पुलिस को भी बाथरूम कांड में किसी दूसरे के शामिल होने का कोई सुराग और सबूत नहीं मिला है.
पुलिस पूछताछ में आरोपिता रूबी ने खुलासा किया कि पति खुद गायब होना चाहता था. इससे मुझे लंबे इतंजार के बाद मौका मिला था, जिसे खोना नहीं चाहती थी. पति शराब पीकर आया तो प्लान को अंजाम दिया. इसकी भनक दोनों बेटियों और बुजुर्ग सास को भी नहीं लगने दी. सोचा था कि बाथरूम में दफन राज कभी बाहर नहीं आएगा. इसलिए, खुद ही बाथरूम की खुदाई की थी.
बाथरूम का फर्श पक्का कराया: रूबी ने पुलिस को बताया कि 400 रुपए का मलबा खरीदा और 500 रुपए मजदूरी देकर बाथरूम का पक्का फर्श बनवा दिया था. मगर, डर सताने लगा कि एक दिन तो जरूर यह राज सामने आएगा तो बड़ी मुश्किल होगी. इसलिए, खुद ही बता दें.
क्या है आगरा का बाथरूम कांड: सिकंदरा थाना क्षेत्र के दहतोरा स्थित रेणुका धाम निवासी सुरेंद्र कुमार शर्मा (44) का कंकाल उसके ही घर के बाथरूम में मिला था. पत्नी रूबी 45 दिन से दोनों बेटियां, बुजुर्ग सास, जेठ के साथ ही परिचित और रिश्तेदारों को पति के लापता होने की बात कहकर गुमराह कर रही थी. उसने 26 मई को सिकंदरा थाना में पति सुरेंद्र कुमार शर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई थी. जबकि, पति के लापता होने से एक दिन पहले यानी 17 मई की रात में ही पति की नींद की गोलियां खिलाकर हत्या कर दी थी.
पुलिस की पूछताछ में आरोपिता रूबी ने खुलासा किया कि पति 17 नई की रात बाजार से मीट लेकर आए. ब्राहमण परिवार में मीट नहीं बनता है और न हीं खाया जाता है. मगर, पति विरोध के बाद भी नहीं सुधर रहा था. पति ने शराब पीकर मीट खाई. इसके बाद कहा कि कुछ मीठा खाना है. इस पर मैंने पति के लिए खीर बनाई और उसमें नींद की 20 गोलियां मिलाकर खिला दीं.
बेटियों को सास के कमरे में भेजा: पुलिस की पूछताछ में रूबी ने खुलासा किया कि उस रात करीब तीन बजे मेरी आंख खुली. देखा तो पति के शरीर में कोई हलचल नहीं थी. इस पर पति के सीने पर सिर रखकर दिल की धड़कन सुनने का प्रयास किया. जब कोई हलचल नहीं थी, तो उसे लगा पति मर गया. इसके बाद जैसे ही सुबह हुई तो सबसे पहले सास कमला से कहा कि भरतपुर से पापा के मामा का फोन आया है.
वहां पर सुरेंद्र ने हंगामा किया है. उन्होंने भरतपुर पुलिस से शिकायत कर दी है. पुलिस अब सुरेंद्र को सबक सिखाएगी. इससे बुजुर्ग सास डर गईं. यह देखकर रूबी ने अपनी दोनों बेटियां प्राची व सिद्धि को जगाकर सास के साथ वायु विहार, शाहगंज निवासी जेठ अनिल कुमार शर्मा के घर भेज दिया. इसके बाद अकेली घर पर रह गई तो पति का शव ठिकाने लगाने के बारे में सोचा.
400 रुपए देकर आधी ट्रॉली मिट्टी मंगवाई: पुलिस की पूछताछ में आरोपिता रूबी ने बताया कि सास और दोनों बेटियों के जेठ अनिल कुमार शर्मा के घर जाने के बाद पति को चेक किया. शरीर में कोई हलचल नहीं थी. पलंग पर लाश पड़ी थी. जिसे ठिकाने लगाने को पति का शव घसीटकर बाथरूम में लेकर पहुंची. फावड़े से बाथरूम में खुदाई की. जिसमें शव को एक करवट से लिटा दिया.
इसकी खबर पड़ोसियों तक को नहीं हुई. इसके बाद 400 रुपए देकर आधी ट्रॉली मिट्टी यानी मलवा मंगवाया. ट्रॉली वाले ने मिट्टी दरवाजे पर ही डाल दी तो उसे बाल्टी में भरकर बाथरूम में डाल दिया. इससे शव पूरी तरह से दबा दिया. इसके बाद बाथरूम का फर्श को खुद ही समतल किया. क्योंकि, बाथरूप में लैट्रीन की सीट करीब एक फीट ऊंची थी. मिट्टी डालने से बाथरूम लेबल में आ गया. इसके बाद पड़ोसन से पूछकर एक मजदूर से संपर्क किया.
बाथरूम का फर्श पक्का कराने के लिए एक बोरी सीमेंट, चंबल सेंड मगवाई. 19 मई को दो मजदूर आए. एक घंटे में बाथरूम का फर्श करके चले गए. इसके बाद घर का ताला बंद करके जेठ अनिल कुमार शर्मा के घर चली गई. जेठ और सास को बताया कि पति पता नहीं कहीं चले गए हैं. मोबाइल भी घर पर छोड गए हैं.
बेटी ने फर्श ऊंचा और चटकने की शिकायत की: रूबी ने बताया कि 19 मई को जेठ अनिल शर्मा के घर चली गई. वहां पर 26 मई तक रही. इस दौरान एक बार अपने घर आई. बाथरूम देखा और कोई दुर्गंध नहीं आने पर 26 मई को सिकंदरा थाना की प्राक्षी टॉवर चौकी पर पति की गुमशुदगी दर्ज कराई. जब सास और बेटियां घर आईं तो उन्होंने पूछा कि बाथरूम ऊंचा क्यों करा दिया? इस पर मैंने कहा कि पानी भर जाता था. सीट ऊंची थी. अंधेरे में गिरने का डर बना रहता था.
इस दौरान जब भी नहाने जाती, तब बाथरूम का फर्श चेक करती थी. कहीं पर पानी तो नहीं भर रहा. एक दिन बेटी ने कहा कि मां एक जगह से फर्श ऊंचा लगता है. फर्श वहां पर चटक भी रहा है. सुनकर मैं घबरा गई. घर पर जो सीमेंट बचा रखा था. उसे घोला और दोबारा फर्श पर घोल कर दिया. तब एक दिन और रात बाथरूम का प्रयोग नहीं किया.
रात को नहीं आती थी नींद: पुलिस ने रूबी से सवाल किया कि पति की हत्या कर शव को बाथरूम में दफना दिया था. घर में अभी तक कोई दुर्गध नहीं आई थी. शव कंकाल बन चुका था. अचानक ऐसा क्या हुआ कि हत्या की बात स्वीकार कर ली. इस पर रूबी ने पुलिस को बताया कि दोनों बेटियां जानती हैं कि पति उससे साथ मारपीट करते थे.
बेटियों को भी बात-बात पर अपमानित करते थे. बच्चे तो बच्चे हैं. बाप कैसा भी क्यों न हो. उसे याद जरूर करते हैं. दोनों बेटियां पिता को याद करती थीं. यहीं पूछती थीं कि मम्मी, पापा कहां चले गए हैं. मुझे भी अब रात को नींद बहुत कम आती थी. ऐसा लगता था कि पति का शव बाथरूम में निकल आएगा, तो भेद खुल जाएगा.
इस दौरान एक दिन घर पर सिपाही पति का सत्यापन करने आया था. उसने बताया था कि पति लापता हैं. तभी सिपाही ने मेरी फोटो ले ली. इससे भी मैं घबरा गई थी. लगा कि एक दिन तो राज खुलना ही है. क्यों न खुद ही सब कुछ सच बता दें. तब मैंने सास कमला से कहा कि पति कभी लौटकर नहीं आएंगे. इस पर पूछा ऐसा क्या हुआ है? तब कहा कि बाथरूम में दबे हैं. यह सुनते ही सास ने गालियां दीं.
उसने कहा कि मुझे जिंदगीभर एक ही मलाल रहेगा, उसकी किस्मत में यह नशेबाज क्यों लिखा था. पता नहीं अब बेटियों क्या होगा. सुरेंद्र खुद लापता होना चाहता था. आरोपिता रूबी ने पुलिस को बताया कि पति ने उसका तमाशा बना दिया था. पूरा मोहल्ला जानता है कि पति उसके साथ मारपीट करता था. 16 मई को पति भरतपुर में अपने मामा के घर गया था. वहां बवाल किया. जिस पर उन्होंने भरतपुर पुलिस बुला ली थी. तभी पति भागकर घर आ गया.
बोला कि मामा के यहां चलना है. पति ने मुझसे ही मामा को कॉल कराया और कहा कि विवाद के बाद से पति गायब है. उनके खिलाफ केस करेगी. 17 मई को पति उसे जबरन अपने साथ भरतपुर लेकर गया. वह खुद दूर खड़ा हो गया और मुझे अपने मामा के घर पर भेज दिया. पति ने जैसा कहा था, मैंने वैसा ही किया. मामा के परिजन से पूछा कि उसका पति कहां पर है. घर नहीं लौटा है. फोन आया तो बताया था कि उसकी हत्या हो सकती है. उसके साथ मारपीट हुई थी.
उन्होंने मुझे बेइज्जत किया और घर से भगा दिया. मैं खून का घूंट पीकर वहां से चली आई. रास्ते भर पति ने उसे गालियां दीं. घर आकर पति ने मामा के घर कई फोन कराए. कहा उसके बारे में पूछे. इनकार करने पर पति बाजार गया और शराब पीकर आया. मीट लेकर आया था. पति खुद गायब होना चाहता था. इससे ही मुझे मौका मिल गया.
बेटियों की परवरिश का संकट: मृतक के बड़े भाई अनिल ने बताया कि सुरेंद्र की 14 वर्षीय बेटी प्राची कक्षा 8 में पढ़ती है और सिद्धि कक्षा 4 की छात्रा है. दोनों बेटियां फिलहाल मेरे घर पर हैं. पुलिस ने बताया कि अनिल शर्मा बेटियों की परवरिश कैसे करेगा. अनिल खुद ऑटो चालक है.
उसकी आमदनी ज्यादा नहीं है. बच्चों के ननिहाल पक्ष में भी कोई जिम्मेदारी उठाने वाला नहीं है. पिता की मौत से दोनों बेटियां सदमे में हैं. जो मां से भी मिलने नहीं गईं. कई बार रूबी ने पुलिस से बेटियों से मिलने की बात कही. मगर, बेटियों ने मां से मिलने से इनकार कर दिया.
16वीं सालगिरह 15 दिन बाद आने वाली थी: रूबी ने पुलिस को बताया कि हमारी शादी की 16वीं सालगिरह 19 जुलाई की थी. कहा कि मेरी शादी धोखे से हुई थी. विवाह के कुछ दिन बाद ही वैवाहिक जीवन में परेशानियां शुरू हो गई थीं.
ससुर राधेश्याम शर्मा इंटर कॉलेज में प्रवक्ता पद से सेवानिवृत्ति होकर कमला नगर ई ब्लॉक का मकान बेचकर आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-7 में मकान खरीदकर रहने लगे. मेरा मायका रुनकता में है. पिता बिजली विभाग में कार्यरत थे. हम चार बहनें और दो भाई हैं. एक बहन की ससुराल आवास विकास कॉलोनी में है. उसी बहन के जेठ ने रिश्ता कराया था.
शादी के तीसरे दिन ही हो गया था क्लेश: रूबी का आरोप है कि शादी के तीन दिन बाद ही पता चला कि पति जयपुर में कंप्यूटर का काम नहीं करता था. वह शराब का आदी था. उसके एक युवती से संबंध थे. मैंने मोबाइल पर संदेश देखे तो विरोध किया था.
इस पर पति ने मारपीट की थी. तब मेरा सास-ससुर और जेठ-जेठानी ने भी साथ नहीं दिया. 2012 में ससुर की मृत्यु होने पर आवास विकास कॉलोनी का मकान बेच दिया. इससे पति और जेठ के हिस्से में 13-13 लाख रुपए आए. पति ने रेणुका धाम में 12 लाख रुपए में मकान खरीदा. जहां पर सास कमला उनके साथ रहती थीं. ससुर की पेंशन से घर का खर्च चलता था.
डीएनए से मिलान कराएगी पुलिस: डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस ने जब बाथरूम की खुदाई कराई तो कंकाल मिला था. एक कड़ा और रूद्राक्ष की माला मिली थी. इससे ही सुरेंद्र की परिजन ने पहचान की. पुलिस ने पैनल से पोस्टमार्टम कराया है. इसके साथ ही डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा गया है. डीएनए टेस्ट कराया जाएगा. ताकि वैज्ञानिक रूप से यह साबित किया जा सके कि कंकाल सुरेंद्र का है.
रूबी के खिलाफ जल्द चार्जशीट पेश की जाएगी. अभी तक की जांच में घटना में वह अकेले ही शामिल थी. विवेचना में जो भी साक्ष्य आएंगे. उसके मुताबिक, आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

