कोरबा:- शहर के पावर हाउस रोड स्थित पैसा वसूल क्लाथ स्टोर में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें और दुकान से निकलता घना धुआं देखकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा लेने से आसपास की दुकानें सुरक्षित बच गईं और बड़ा हादसा टल गया।
मंगलवार को साप्ताहिक अवकाश होने के कारण अधिकांश दुकानें बंद थे। देर रात करीब 12 बजे स्थानीय लोगों ने पैसा वसूल रेडीमेड स्टोर से धुआं निकलते देखा। उन्होंने तत्काल दुकान संचालक को सूचना दी। शटर खोलकर अंदर देखा गया तो दुकान के भीतर आग तेजी से फैल चुकी थी और कपड़े सहित अन्य सामान जल रहा था। इसके बाद तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। लगातार पानी की बौछार के बाद करीब आधे घंटे में आग पर नियंत्रण पा लिया गया।
राहत की बात यह रही कि आग बगल की दुकानों तक नहीं पहुंची। यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो पावर हाउस रोड का पूरा कपड़ा बाजार इसकी चपेट में आ सकता था। प्रतिष्ठान संचालक ने कुछ समय पहले पास में ही अपना नया और बड़ा शोरूम शुरू किया है। बिक्री के लिए रखे जाने वाले अधिकांश नए कपड़े पहले ही नए शोरूम में स्थानांतरित किए जा चुके थे। आग जिस दुकान में लगी, वह पुराना प्रतिष्ठान था, जहां पुराने डिजाइन और लंबे समय से नहीं बिक पाए कपड़ों का स्टाक रखा हुआ था। आग में वहां रखा कपड़ा, फर्नीचर और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। नुकसान का वास्तविक आकलन अभी नहीं हो सका है।
आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोग शार्ट सर्किट की आशंका जता रहे हैं, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और दमकल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर फोरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाएगी। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते धुआं नहीं दिखता और दमकल को सूचना नहीं दी जाती तो आग विकराल रूप ले सकती थी। व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में बिजली की वायरिंग की नियमित जांच कराने और अग्निशमन उपकरण अनिवार्य रूप से रखने की जरूरत भी बताई।
डेड स्टाक और बीमा की चर्चा, जांच से होगी स्थिति स्पष्ट
जिस दुकान में आग लगी, वह प्रतिष्ठान की पुरानी दुकान बताई जा रही है। दुकान संचालक ने कुछ समय पहले पास में ही चार मंजिला नया शोरूम तैयार कराया है, जहां बिक्री योग्य लगभग सभी नए कपड़े पहले ही स्थानांतरित किए जा चुके थे। पुरानी दुकान में लंबे समय से पुराने डिजाइन और नहीं बिक पाए कपड़ों का डेड स्टॉक ही रखा हुआ था।

