धमतरी:- जिले में हुई मछली कारोबारी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. नगरी थाना क्षेत्र में व्यापारी विप्लव मंडल की चाकू मारकर की गई हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा ली. इस सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने दो नाबालिग सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हत्या करने वाले कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि मृतक के यहां मजदूरी करने वाले ही निकले.
घात लगाकर मौका ढूंढा
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने प्रेसवार्ता में बताया कि ग्राम बोईरगांव निवासी मछली व्यापारी विप्लव मंडल निजी फिश फार्म का संचालन करता था. शनिवार को वह नगरी बाजार में मछली बेचने के बाद अपने सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था. इसी दौरान गोरेगांव-भैंसामुड़ा मार्ग के सुनसान जंगल में पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उसका रास्ता रोक लिया.
साथ में बाइक पर था वो भी साजिश में शामिल
आरोपियों ने पहले लकड़ी के डंडों से हमला किया, फिर धारदार चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर दिए. पुलिस के अनुसार मृतक पर 30 से अधिक बार चाकू से हमला किया गया, जिससे उसके शरीर पर गंभीर घाव हो गए और उसकी आंतें तक बाहर आ गईं. हत्या के बाद आरोपी मृतक के पास से कैश और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए. बताया जा रहा है कि विप्लव जिस सहयोगी के साथ वापस घर लौट रहा था वह भी उस साजिश का हिस्सा था और उसने अपने आप पर मिर्च पाउडर डालने की कहानी तैयार की थी.
मजदूरी बढ़ाने की कर रहे थे मांग
जांच में सामने आया कि मृतक के यहां टंकेश्वर नेताम उर्फ मयंक नेताम (19 साल), सुरेंद्र यादव (26 साल), जगदीश विश्वकर्मा (50 साल) और दो नाबालिग मजदूरी करते थे. आरोपी लंबे समय से मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे, लेकिन मांग पूरी नहीं हो रही थी. साथ ही विप्लव कथित रूप से मजदूरों से अपमानजनक व्यवहार और गाली-गलौज करता था इससे भी सभी नाराज थे.
2 दिन पहले साजिश हुई थी नाकाम
नाराज मजदूरों ने पहले से ही विप्लव की हत्या की साजिश रची थी. 25 जून को भी वे योजना बनाकर उसे मारने निकले थे लेकिन वारदात नहीं हो सकी. इसके बाद 27 जून को सुनियोजित तरीके से हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया गया. नगरी पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और लगातार पूछताछ के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया. आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया.

