युवाओं और महिलाओं में इन दिनों ‘ग्लास स्किन’ और बेदाग चेहरा पाने की होड़ मची है। सोशल मीडिया रील्स देखकर बिना सोचे-समझे केमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना अब लोगों के लिए भारी पड़ रहा है। दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों और स्किन क्लीनिकों में त्वचा खराब होने के मामले तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, बिना डॉक्टरी सलाह के किए जा रहे स्किन ट्रीटमेंट चेहरे पर रौनक लाने के बजाय स्किन बैरियर को पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।
केमिकल पील्स और माइक्रो-नीडलिंग का बढ़ा अंधाधुंध चलन
बाजार में मिलने वाले हाई-कंसंट्रेशन एसिड वाले प्रोडक्ट्स और घर पर ही माइक्रो-नीडलिंग (त्वचा में बारीक सुइयां चुभाना) वाले ट्रीटमेंट का चलन महिलाओं में तेजी से बढ़ा है। लोग बिना यह जाने कि उनकी स्किन का टाइप क्या है, इन कठोर केमिकल प्रोडक्ट्स को चेहरे पर लगा रहे हैं। इसका नतीजा यह हो रहा है कि त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा परत (स्किन बैरियर) टूट रही है। इससे चेहरे पर परमानेंट पिग्मेंटेशन (झाइयां) और गहरे काले धब्बे उभर रहे हैं।
टीनेजर्स में एंटी-एजिंग प्रोडक्ट्स का बढ़ता क्रेज
दिल्ली के खान मार्केट और कनॉट प्लेस जैसे प्रमुख बाजारों के कॉस्मेटिक स्टोर्स में इन दिनों एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है। 13 से 18 साल के टीनेज बच्चे बड़ी मात्रा में एंटी-एजिंग क्रीम और सीरम खरीद रहे हैं। कम उम्र की कोमल त्वचा पर इन भारी एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक रिकवरी क्षमता खत्म हो रही है। कम उम्र में इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल स्किन को समय से पहले बूढ़ा और बेजान बना रहा है।
ग्लास स्किन की चाहत में चेहरे पर सूजन
कोरियाई ब्यूटी ट्रेंड्स से प्रभावित होकर दिल्ली की महिलाएं हर दिन स्क्रबिंग और ओवर-एक्सफोलिएशन (त्वचा की परतें उतारना) कर रही हैं। चमकती त्वचा (ग्लास स्किन) के फेर में लोग हर हफ्ते एसिड बेस्ड ट्रीटमेंट ले रहे हैं। त्वचा विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक स्क्रबिंग से चेहरे पर जो हल्की सूजन आती है, महिलाएं अक्सर उसे ‘ग्लो’ समझ बैठती हैं। यह सूजन असल में त्वचा के अंदरूनी डैमेज और इन्फेक्शन का संकेत है।
बचाव के लिए क्या करें दिल्ली के नागरिक
अगर आप भी इन ट्रेंड्स का हिस्सा हैं, तो सबसे पहले अपने रूटीन को साधारण बनाएं। चेहरे को बार-बार स्क्रब करना बंद करें। किसी भी नए ब्यूटी प्रोडक्ट को सीधे चेहरे पर लगाने से पहले कान के पीछे पैच टेस्ट जरूर करें। सोशल मीडिया के दावों से प्रभावित होने के बजाय अपनी डाइट में सुधार करें और दिल्ली के प्रदूषण से बचने के लिए एक बेसिक सनस्क्रीन और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें।

