टोक्यो :- दुनिया को दहला देने वाली बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में महज 40 सेकंड के अंतराल पर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी है। शुरुआती रिपोर्ट्स में 10 हजार से ज्यादा लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। राजधानी कराकास समेत कई शहरों में इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं, जबकि एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
भूकंप के झटके इतने जोरदार थे कि लोग जान बचाने के लिए घरों और दफ्तरों से बाहर भागने लगे। राजधानी कराकास में एक 22 मंजिला इमारत पूरी तरह जमींदोज हो गई। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए सेना, राहत एजेंसियां और बचाव दल युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं। चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।
अस्पतालों में घायल लोगों की लंबी कतारें लगी हैं, जबकि कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप हो गई है। यह आपदा ऐसे समय आई है जब वेनेजुएला पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल से गुजर रहा है। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अंतरिम सरकार देश संभाल रही है। आर्थिक बदहाली और राजनीतिक अस्थिरता के बीच आए इस महाभूकंप ने हालात को और भयावह बना दिया है। इसी बीच अल साल्वाडोर वेनेज़ुएला की मदद के लिए आगे आया है।
अल साल्वाडोर ने बैक-टू-बैक भूकंपों की मार झेल रहे वेनेज़ुएला की मदद के लिए 300 बचावकर्मी और 50 टन राहत सामग्री भेजने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा मैक्सिको ने भी इस मुश्किल समय में वेनेज़ुएला के प्रति समर्थन व्यक्त किया है। उधर जापान में भी गुरुवार को 7.2 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके झटके राजधानी टोक्यो तक महसूस किए गए। हालांकि फिलहाल वहां किसी बड़े नुकसान या जनहानि की खबर नहीं है और सुनामी की चेतावनी भी जारी नहीं की गई है।

