रायपुर:- बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में हुई आठ रहस्यमयी मौतों की पड़ताल में कई चौंकाने वाले राज सामने आए हैं। इस पूरे मामले में गांव के ही किराना व्यवसायी रामसाय जायसवाल (45 वर्ष) पर संदेह जताया जा रहा है, जिसकी अजीबो-गरीब हरकतें और बातें अब जांच के दायरे में हैं। संदेही रामसाय अक्सर गांव के युवाओं के बीच बैठकर बड़ी-बड़ी और हिंसक बातें किया करता था।
ग्रामीणों के अनुसार उसकी एक खतरनाक योजना थी कि पैरावट के बीच गैस सिलिंडर रखकर आग लगा देना, जब लोग आग बुझाने आएंगे, तो धमाका होगा और सब मर जाएंगे। वह अक्सर युवाओं से कहता था, किसी के ट्रैक्टर में आग लगा दो। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि गांव में लगातार हो रही इन मौतों के बारे में बात करते हुए वह खुश होता था।
ग्रामीणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ा, जो बाद में एक बड़ी चूक साबित हुई। गांव में जब भी किसी की मौत होती, उसकी सूचना सबसे पहले रामसाय को ही होती थी। वह लोगों को अपनी दुकान पर बुला-बुलाकर ग्रामीणों की मौत की खबर देता था। ऐसा प्रतीत होता था कि जैसे वह धीरे-धीरे अपने किसी छिपे हुए टारगेट की ओर बढ़ रहा है। शुरुआत में लोगों ने उसकी इन हरकतों को गंभीरता से नहीं लिया और नजरअंदाज करते रहे, जो अंततः आठ मौतों की त्रासदी में बदल गई।
चश्मदीद बोला- लाश ठिकाने लगाने, हत्या के लिए पैसे का देता था लालच
गांव के युवा उमेश नवरंगे के बयान में बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है, जो रामसाय की खतरनाक साजिशों की पुष्टि करता है। उमेश ने कहा कि जब मैं रामसाय की दुकान पर गुटखा खरीदने गया, तो उसने मुझसे कहा कि महेतरू की मौत के पीछे गांव के लोग मुझे ही जिम्मेदार मान रहे हैं। उसकी लाश को बुलडोजर से खुदवाकर कहीं और ठिकाने लगाना पड़ेगा।
इसके तुरंत बाद उसने मुझसे कहा कि उसने समीर नवरंगे से उसने सुहागा खरीदा है और ताकीद की कि मैं यह बात किसी को न बताऊं। उस वक्त मुझे उसकी बातों का मतलब समझ नहीं आया। वह मुझे गांव के ही दिलहरण, दीनानाथ, फिरत और कई अन्य लोगों को जान से मारने के लिए उकसाता था और इसके बदले पैसे देने की बात कहता था।
गांव में तबाही मचाने की बातें अक्सर दोहराता था
उमेश नवरंगे ने कहा कि दुकानदार लगातार मुझसे किसी के ट्रैक्टर में आग लगाने, तो किसी की खड़ी फसल पर खरपतवार नाशक (सफाचट) छिड़ककर उसे बर्बाद करने के लिए कहता था। पैरावट के बीच गैस सिलिंडर छिपाकर आग लगाने की बात भी वह अक्सर दोहराता था। हम लोग उस समय उसकी इन खौफनाक साजिशों को भांप नहीं पाए और उसकी बातों को हंसी-मजाक समझकर नजरअंदाज करते रहे, जिसका इतना भयानक अंजाम होगा, हमने कभी सोचा नहीं था।

