ओडिशा:- मयूरभंज जिले में भीड़ हिंसा का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मजदूरी भुगतान को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक और उसकी गर्भवती पत्नी पर कथित तौर पर 50 से अधिक लोगों ने हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हुए हैं और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ओडिशा के मयूरभंज जिले के बाघियागड़ी गांव में एक युवक और उसकी गर्भवती पत्नी पर हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई है। पीड़ित युवक की पहचान सिपुन मलिक के रूप में हुई है, जो तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
जानकारी के अनुसार, सिपुन मलिक गांव के तीन युवकों को रोजगार दिलाने के लिए अपने साथ सिकंदराबाद ले गए थे। वहां करीब दो महीने काम करने के बाद वे युवक छुट्टी लेकर गांव लौट आए। इसके बाद मजदूरी के भुगतान को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि युवकों और उनके परिजनों ने सिपुन पर वेतन नहीं दिलाने का आरोप लगाया।
विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में लोग सिपुन मलिक के घर पहुंच गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें घर से बाहर खींचकर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया गया कि जब सिपुन की गर्भवती पत्नी उन्हें बचाने के लिए बीच-बचाव करने पहुंचीं, तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। हमले में महिला भी घायल हो गईं। गर्भवती महिला पर हमले की खबर से पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
घटना के बाद घायल दंपति ने कप्तीपदा थाने में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी मधुस्मिता मोहंती ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

