लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा अंग है. यह शरीर से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने और पाचन क्रिया को सुचारू बनाने में मदद करता है. विशेषज्ञों के अनुसार, लिवर की बीमारी का मतलब ऐसी किसी भी स्थिति से है जो लिवर के काम करने की क्षमता को प्रभावित करती है. उनका कहना है कि वायरस, शराब का सेवन, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, जेनेटिक कारण, मोटापा और जहरीले पदार्थों के संपर्क में आना इसके संभावित कारण हो सकते हैं. विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कभी-कभी, लिवर की बीमारी के कुछ असामान्य चेतावनी संकेत हाथों और पैरों पर भी दिखाई दे सकते हैं. इन शुरुआती लक्षणों को पहचानकर, सही मेडिकल इलाज प्राप्त कर सकता है. आइए अब उन संकेतों के बारे में जानें जो लिवर की बिगड़ती सेहत का संकेत देते हैं…
क्लीवलैंड क्लिनिक की एक स्टडी के मुताबिक, जैसे-जैसे लिवर की बीमारी बढ़ती है, यह ब्लड सर्कुलेशन, हार्मोनल बैलेंस और न्यूट्रिशनल स्टेटस पर असर डालती है, जिससे कई तरह के लक्षण दिखते हैं. नतीजतन, हथेलियां लाल हो सकती हैं. अंगूठे और छोटी उंगली के नीचे की स्किन में अजीब तरह की लाली आ जाती है, यह एक ऐसी कंडीशन है जो आमतौर पर दोनों हाथों में एक जैसी होती है.
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि लिवर डैमेज हार्मोन प्रोसेसिंग में रुकावट डालता है, जिससे स्किन की सतह के पास की ब्लड वेसल फैल जाती हैं और लाल हो जाती हैं. आमतौर पर, जिन लोगों की हथेलियों में यह लाली दिखती है, उन्हें कोई दर्द या खुजली महसूस नहीं होती है. इस कंडीशन को टेक्निकली ‘पामर एरिथेमा’ के नाम से जाना जाता है, हालांकि इसे आम भाषा में ‘लिवर पाम्स’ भी कहा जाता है. यह दोनों हाथों के अंगूठे और छोटी उंगली के नीचे मौजूद मांसल पैड पर साफ लाली के रूप में दिखता है. यह लक्षण सिरोसिस के मरीजों में खास तौर पर आम है. अगर आपकी हथेलियां बिना किसी चोट या एलर्जिक रिएक्शन के लगातार लाल रहती हैं, तो तुरंत लिवर फंक्शन टेस्ट करवाने की सलाह दी जाती है.
मकड़ी के जाले जैसी नसें: लिवर की बीमारी होने पर स्किन पर मकड़ी के जाले जैसी छोटी ब्लड वेसल दिखने लगती हैं. इन्हें स्पाइडर एंजियोमा कहते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये आमतौर पर हाथों और पैरों पर दिखती हैं. लिवर को ब्लड फ्लो और हॉर्मोन को रेगुलेट करने में दिक्कत होने की वजह से, ये ब्लड वेसल सूज जाती हैं और स्किन के नीचे अजीब उभार पैदा कर देती हैं. एक या दो मकड़ी के जाले जैसी नसें होना नॉर्मल है, लेकिन अगर ये तेजी से बढ़ती हैं, तो यह लिवर डैमेज या सिरोसिस का संकेत हो सकता है.
सूजन: मायोक्लिनिक के एक अध्ययन में बताया गया है कि आगर आपके पैरों और टखनों में सूजन के लक्षण दिखाई देते हैं. तो इस कंडीशन को एडिमा कहते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि लिवर डैमेज होने की वजह से एल्ब्यूमिन नाम का प्रोटीन ठीक से नहीं बन पाता, जो ब्लड वेसल में फ्लूइड बनाए रखने में मदद करता है. जब एल्ब्यूमिन का लेवल कम होता है, तो फ्लूइड आस-पास के टिशू में रिस जाता है, जिससे सूजन हो जाती है. इससे स्किन खिंची हुई महसूस होती है और पैर भारी लगते हैं. अगर पैरों और टखनों में लगातार सूजन बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना सही रहता है.
हाथों और पैरों का पीला पड़ना: पीलिया (जॉन्डिस ) लिवर की बीमारी का सबसे आम लक्षण है. विशेषज्ञों का कहना है कि त्वचा, आंखें, और यहां तक कि हाथों और पैरों के तलवे भी पीले पड़ जाते हैं. ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि अगर लिवर, लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने से बनने वाले पदार्थ (बिलिरूबिन) को शरीर से ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता, तो वह खून में जमा हो जाता है और पीलापन पैदा करता है. अगर हाथ और पैर पीले दिखाई दें, तो यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचने का संकेत है. मेडलाइनप्लस के अध्ययन के अनुसार, मल और मूत्र के रंग में भी बदलाव देखा जाता है.
हाथ-पैर में खुजली: एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना किसी वजह के हाथ-पैर में खुजली होना आम बात है, लेकिन बिना रैश (चकत्ते) के हाथ-पैर में खुजली होना, खासकर रात के समय, लिवर में समस्या का संकेत हो सकता है. कभी-कभी यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

