जांजगीर चाम्पा:- बिर्रा थाना पुलिस ने करहि गांव में हुए आयुष हत्याकांड का खुलासा कर दिया है. बिलासपुर रेंज आईजी राम गोपाल गर्ग ने आज प्रेस कांफ्रेंस कर पूरी वारदात का खुलासा किया है. आईजी ने बताया कि इस हत्याकांड को सुपारी किलर्स के जरिए अंजाम दिया गया. हत्या में शामिल 3 आरोपियों के नाम का खुलासा भी पुलिस ने किया. आईजी ने कहा कि जल्द पूछताछ में पता चल जाएगा कि हत्या की सुपारी किसने दी, कितने में डील फाइनल हुआ और मास्टरमाइंड कौन है.
करहि में आयुष हत्याकांड का खुलासा
दरअसल, बीते दिनों ग्राम करहि में 23-24 अप्रैल की रात कांग्रेसी नेता सम्मेलाल कश्यप के घर में घुसकर बदमाशों ने उसके बड़े बेटा आयुष कश्यप और आशुतोष कश्यप को गोली मारी थी. गोलीबारी की इस वारदात में बड़े बेटे आयुष कश्यप की मौके पर ही मौत हो गई थी. आयुष पर हमले से आधा घंटा पहले बाइक में तीन लोग मौके पर पहुंचे थे. आरोपी है कि तीनों ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया. सीसीटीवी तोड़ने के बाद वो तीनों घर के भीतर दाखिल हुए. घर के भीतर पहुंचते ही बदमाशों ने आयुष को गोली मार दी और सभी बदमाश मौके से फरार हो गए. गोली मारने की खबर बदमाशों ने सम्मेलाल कश्यप को भी दी. करीब 29 दिन चली जांच के बाद आखिरकार पुलिस ने तीन लोगों को इस संबंध में गिरफ्तार किया है.
ऑपरेशन हंट चलाया गया
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने जांच के लिए ऑपरेशन हंट की शुरुआत की थी. जिसमें पुलिस को क्लू मिला कि गांव में एक आई गैंग है जो पैसे के लिए घटना को अंजाम दे सकती है. मामले में पुलिस ने आई गैंग से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई. जिसमें पता चला कि घटना के बाद सभी युवक गांव में ही थे. लेकिन कुछ दिनों से गांव से बाहर भी रहे हैं.
