बालोद :- गुण्डरदेही निवासी कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के मामले में कड़ी सजा मिली है। रायपुर की विशेष अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 2 मई को सुनाया गया, जिसमें SC/ST एक्ट समेत कई गंभीर धाराएं शामिल हैं।
पढ़ाई के दौरान शुरू हुआ संबंध
जानकारी के अनुसार पीड़िता बिलासपुर जिले की रहने वाली है और वह आरोपी के साथ जगदलपुर के एग्रीकल्चर कॉलेज में पढ़ाई करती थी। इसी दौरान दोनों के बीच पहचान हुई, जो बाद में दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई।बाद में दोनों रायपुर में कृषि कोचिंग के लिए भी साथ रहने लगे, जहां आरोपी ने युवती को शादी का प्रस्ताव दिया। शुरुआत में पीड़िता ने जाति अलग होने के कारण इनकार किया, लेकिन आरोपी ने नौकरी लगने के बाद शादी का भरोसा दिलाया।
शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार फरवरी 2021 में आरोपी ने पीड़िता को रायपुर के धरमपुरा स्थित अपने किराए के मकान में बुलाया। वहां शादी का झांसा देकर उसने युवती के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।इसके बाद भी आरोपी कई वर्षों तक शादी का वादा करता रहा और संबंध बनाता रहा। पीड़िता के अनुसार 2023-24 के दौरान भी आरोपी ने बार-बार भरोसा दिलाकर उसका शोषण किया।
नौकरी लगने के बाद बदला व्यवहार
साल 2024 में आरोपी की नियुक्ति ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर हो गई। नौकरी लगने के बाद उसका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि आरोपी उसे ‘नीची जाति की सतनामी लड़की’ कहकर अपमानित करने लगा और शादी से बचने लगा।

