महासमुंद:- जिले में शराब मामले के आरोपियों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर जानलेवा हमला हो गया. मामला पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी का है. इस घटना में सांकरा टीआई उत्तम तिवारी के साथ प्रधान आरक्षक, महिला आरक्षक समेत कई लोगों को गंभीर चोटें आई है. मामले में आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है. सांकरा टीआई उत्तम तिवारी ने पटेवा थाने में FIR दर्ज कराई है.
क्या है मामला
FIR में टीआई उत्तम तिवारी ने बताया है कि वे 11 अप्रैल को वरिष्ठ अधिकारियों के मौखिक आदेश पर आबकारी एक्ट के फरार आरोपियों के गिरफ्तारी के लिए पटेवा पहुंचे थे. उनके साथ थाना सांकरा के आरक्षक अभिषेक राज दीपक भी थे. वहीं थाना पटेवा से निरीक्षक उमेश वर्मा के सहयोगी, रक्षित केंद्र महासमुंद, एसडीओपी कार्यालय महासमुंद, एसडीओपी कार्यालय पिथौरा, थाना अजाक, थाना तुमगांव उपरोक्त सभी कर्मचारी पुलिस लाइन से आए.
आरोपी के घर पहुंची टीम
पुलिस टीम फरार आरोपी विजय मार्कंडेय एवं विनोद मार्कंडेय की गिरफ्तारी के लिए रवाना हुई. ग्राम पचरी में आरोपी के घर करीब 6 से 7 बजे के मध्य पहुंचने पर दोनों आरोपी भागने की कोशिश करने लगे. इस पर घेराबंदी कर पुलिस ने अभिरक्षा में लिया. लेकिन इसी बीच शासकीय वाहन में बिठाने का प्रयास किया गया तो दोनों आरोपी गाली गलौच करते हुए, मारपीट करने लगे.
परिजन भी पुलिस टीम पर टूट पड़े
आस पड़ोस के लोगों और अपने रिश्तेदारों को चिल्लाकर आरोपियों ने बुलाया और पुलिस पर हमला करने के लिये उकसाने लगे. आरोपियों के उकसावे में रिश्तेदार बहन हेमा, पिता छगन, चाचा गुलशन, दादी लीलाबाई, दादा गजेंद्र, विजय की पत्नी ज्योति, रिश्तेदार लक्की मार्कंडेय और कुछ पड़ोसी भी पुलिस पर हमला करने लगे. आरोपियों को बचाने और पुलिस टीम को भगाने के लिए लाठी डंडा और छड़ के टुकडे से मारपीट की गई. गली में पडे हुए ईंट, पत्थर के टुकड़ों से भी पुलिस बल पर हमला किया गया.
पुलिसकर्मियों की आई चोट
जानलेवा हमले मे सांकरा थानेदार उत्तम तिवारी के सिर में, गले में और सीने में गंभीर चोट आई. साथ ही प्रधान आरक्षक अशवंत मन्नाडे और महिला आरक्षक को भी चोट आई है. पुलिस वाहन पर भी चारों तरफ से ईंट-पत्थर फेंके गए जिससे शीशा टूट गया. वहीं आरोपी की बहन हेमा पुलिस वाहन के सामने आकर रोड में लेट गयी. पत्थर लगने से हेमा के सिर में भी चोट लगी है. महिला आरक्षकों ने हेमा को उठाकर सुरक्षित स्थान पर छोडा.
