नई दिल्ली:- देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए लेबर कोड के तहत अब कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए महीनों तक कंपनियों के चक्कर नहीं काटने होंगे. नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है, उसे निकाला जाता है या कंपनी बंद होती है, तो कंपनी को महज 2 वर्किंग डेज के भीतर उसका पूरा हिसाब यानी ‘फुल एंड फाइनल सेटलमेंट’ करना अनिवार्य होगा.
क्या है नया नियम और कब से होगा लागू
‘कोड ऑन वेजेस 2019’ (Code on Wages, 2019) की धारा 17(2) के तहत यह प्रावधान किया गया है. वर्तमान व्यवस्था में कंपनियां आमतौर पर सेटलमेंट के लिए 45 से 90 दिनों का समय लेती हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. हालांकि, नई रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार इन नियमों को 1 अप्रैल 2026 से पूरी तरह प्रभावी कर दिया गया है. इसके बाद, इस्तीफा देने के दूसरे कामकाजी दिन तक कर्मचारी के खाते में सारा बकाया पैसा आ जाना चाहिए.
फुल एंड फाइनल सेटलमेंट में क्या-क्या मिलेगा
F&F सेटलमेंट का मतलब केवल आखिरी महीने की सैलरी नहीं है. इसमें कई अन्य घटक शामिल होते हैं:
बकाया वेतन: काम किए गए अंतिम दिनों की पूरी सैलरी.
लीव एनकैशमेंट: बची हुई छुट्टियों के बदले मिलने वाला पैसा.
बोनस और इंसेंटिव: प्रदर्शन के आधार पर तय किया गया पिछला बकाया बोनस.
ग्रेच्युटी: कंपनी में बिताए गए समय के बदले मिलने वाला सेवा लाभ.
प्रतिपूर्ति: यात्रा या ऑफिस से जुड़े अन्य खर्चों का बकाया.
ग्रेच्युटी के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव
नए लेबर कोड का सबसे क्रांतिकारी बदलाव ग्रेच्युटी को लेकर है. अब तक नियम था कि 5 साल की निरंतर सेवा के बाद ही कर्मचारी ग्रेच्युटी का हकदार होता था. लेकिन अब, फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए यह सीमा घटाकर महज 1 साल कर दी गई है. यानी अगर आपने किसी कंपनी में एक साल भी काम किया है, तो आप ग्रेच्युटी के हकदार होंगे. कंपनी को यह राशि 30 दिनों के भीतर चुकानी होगी.
कर्मचारियों को फायदा और कंपनियों के लिए चुनौती
इस बदलाव से उन युवाओं को सबसे ज्यादा फायदा होगा जो करियर की शुरुआत में जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलते हैं. अक्सर देखा गया है कि सेटलमेंट में देरी के कारण लोग अपने घर का किराया या लोन की ईएमआई नहीं भर पाते थे. अब 2 दिन की समय सीमा कंपनियों पर अनुशासन बनाएगी. हालांकि, एचआर विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियों को अपना पेरोल और आईटी सिस्टम काफी अपग्रेड करना होगा ताकि इतनी जल्दी हिसाब पूरा किया जा सके.

