रायपुर:- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चूक सामने आई है, जिसने पुलिस और जेल प्रशासन दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या के प्रयास के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा बंदी साहेब कुमार ताती इलाज के दौरान अस्पताल से फरार हो गया। यह घटना न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है, बल्कि आम जनता के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इलाज के दौरान हुआ फरार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी को इलाज के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) लाया गया था। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने के लगभग एक घंटे के भीतर ही उसने मौका पाकर दो जेल प्रहरियों को चकमा दिया और फरार हो गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हथकड़ी में था, इसके बावजूद वह पुलिस की निगरानी से बच निकला। इस घटना ने जेल प्रहरियों की कार्यप्रणाली और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
फरार आरोपी साहेब कुमार ताती मूल रूप से जमुई जिले का निवासी बताया जा रहा है। उसे गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। विशेष न्यायालय ने 2 जनवरी 2026 को उसे आजीवन कारावास के साथ 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया गया था।वह पिछले एक वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद था और हाल ही में स्वास्थ्य कारणों के चलते उसे अस्पताल लाया गया था।
पुलिस महकमे में हड़कंप
जैसे ही फरारी की सूचना मिली, पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तत्काल उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पूरे शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया। मौदहापारा थाना पुलिस सहित कई टीमों को सक्रिय किया गया है।पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए शहर के प्रमुख इलाकों में सघन सर्च अभियान शुरू कर दिया है। इसके अलावा शहर के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि आरोपी शहर से बाहर न निकल सके।

