हैदराबाद:- हाल के नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच में हैदराबाद में एक परेशान करने वाला पैटर्न सामने आया है. इसमें कथित तौर पर प्रभावशाली लोग नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों में पकड़े जाने से बचने के लिए अपने ही कर्मचारियों का इस्तेमाल आड़ के तौर पर कर रहे हैं.
अधिकारियों का कहना है कि यह रुझान इस बात को दर्शाता है कि इस तरह के अवैध लेन-देन को अंजाम देने के तरीकों में अब और भी ज्यादा बारीकी आ गई है, जिससे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए सीधे सबूत जुटाना और भी मुश्किल हो गया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक ड्रग्स तस्कर के मोबाइल फोन में कई फिल्म और टीवी हस्तियों की संपर्क जानकारी के साथ-साथ ऐसी तस्वीरें भी मिली हैं, जिनसे उनके बीच घनिष्ठ संबंधों का पता चलता है.
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर दावा किया कि ये लोग उसके ग्राहक थे. हालाँकि, इन सुरागों के बावजूद जाँचकर्ताओं के सामने एक बड़ी बाधा है. कोई ठोस सबूत न होना जैसे कि सीधे पेमेंट के रिकॉर्ड या फ़ॉरेंसिक सबूत जो इन मशहूर हस्तियों को ड्रग्स के सेवन से जोड़ सकें.
जाँच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि कई हाई-प्रोफाइल लोग बहुत ज्यादा सतर्क हो गए हैं, खासकर मोइनाबाद में एक पूर्व विधायक के फार्महाउस पर हाल ही में हुई ड्रग्स की बरामदगी के बाद. अधिकारी ने कहा, ‘फोन बंद किए जा रहे हैं, बातचीत के तरीके बदले जा रहे हैं, और लेन-देन तीसरे पक्षों के जरिए किए जा रहे हैं.’
कर्मचारियों का इस्तेमाल ‘मोहरे’ के तौर पर
एक गहरी जाँच से काम करने का एक नया तरीका सामने आया है. मुंबई, बेंगलुरु और गोवा से चलने वाले नेटवर्क से जुड़े ड्रग्स पेडलर्स के कॉल लॉग में अक्सर चौकीदारों, ड्राइवरों और पर्सनल असिस्टेंट के संपर्क नंबर दिखाई देते हैं. पुलिस का मानना है कि इन कर्मचारियों का इस्तेमाल ऑर्डर देने और डिलीवरी लेने के लिए बिचौलिए के तौर पर किया जा रहा है, ताकि असली फायदा उठाने वालों का पता न चल सके.
अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स अक्सर छोटे पेडलर्स या कूरियर सेवाओं के जरिए पहुँचाए जाते हैं, जबकि पेमेंट कथित तौर पर स्टाफ सदस्यों के यूपीआई खातों का इस्तेमाल करके किया जाता है. इस तरीके से मुख्य इस्तेमाल करने वालों और लेन-देन के बीच कोई डिजिटल सबूत नहीं बचता, या बहुत कम सबूत बचते हैं.
एक मामले में पुराने शहर के एक पेडलर ने कथित तौर पर जाँचकर्ताओं को बताया कि उसने कभी भी नशीले पदार्थ सीधे अभिनेताओं को नहीं दिए. इसके बजाय वह खेप उनके असिस्टेंट को पहुँचाता था.
नोटिस और निगरानी तेज
पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन से मिले डेटा के आधार पर संदिग्ध खरीदारों की एक लिस्ट बना रही है. जिन लोगों के नाम इन रिकॉर्ड में आए हैं, उन्हें जल्द ही नोटिस जारी किए जाने की संभावना है. साथ ही उन लोगों पर निगरानी बढ़ा दी गई है जो पहले भी नशीले पदार्थों के सेवन के मामलों में पकड़े जा चुके हैं.
अधिकारी इस नेटवर्क में संभावित कड़ियों की पहचान करने के लिए प्राइवेट पार्टियों, सामाजिक समारोहों और लोगों की आवाजाही के तरीकों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. हालांकि जांच अभी भी जारी है, लेकिन अधिकारी मानते हैं कि सीधे सबूतों के बिना किसी का कसूर साबित करना अभी भी एक चुनौती बना हुआ है.
