रायपुर:- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज का दिन बेहद अहम रहने वाला है. प्रश्नकाल से लेकर विधेयकों पर चर्चा और आधे घंटे की विशेष बहस तक, सदन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहमागहमी देखने को मिलेगी. खास तौर पर धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 और शहरी विकास से जुड़े संशोधन बिलों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
प्रश्नकाल से शुरुआत, सरकार से जवाबदेही तय होगी
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे प्रश्नकाल से शुरू होगी, जहां विधायक विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाएंगे और सरकार को जवाब देना होगा. यह सत्र सरकार की कार्यप्रणाली और योजनाओं पर सीधा सवाल-जवाब का मंच बनेगा, जिसमें विपक्ष सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा.
अधिसूचनाएं और नियम पटल पर रखे जाएंगे
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री अरुण साव सदन में खनिज, नगरीय प्रशासन और अन्य विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम और अधिसूचनाएं पटल पर रखेंगे। इन दस्तावेजों के जरिए सरकार के प्रशासनिक फैसलों और नीतियों की दिशा स्पष्ट होगी.
वित्तीय दस्तावेजों की पेशकश, योजनाओं की स्थिति साफ की जाएगी
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी राज्य के परफॉर्मेंस बजट, पेंशन निधि और ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड से जुड़े नियम सदन में पेश करेंगे. इन दस्तावेजों के माध्यम से सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति सामने आएगी.
सार्वजनिक योजनाओं में गड़बड़ी का उठेगा मुद्दा
सदन में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी और केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजना में खर्च की अनियमितताओं को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया जाएगा. इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार को घेर सकता है, जिससे सदन में तीखी बहस होने के आसार हैं.
रिपोर्ट और जनहित याचिकाओं सहित स्थानीय मुद्दों को मिलेगा मंच
लोक लेखा समिति समेत विभिन्न समितियों की रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी. इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पुल निर्माण जैसी मांगों को लेकर जनहित याचिकाएं भी प्रस्तुत होंगी, जिससे स्थानीय मुद्दों को विधानसभा में उठाने का मौका मिलेगा.
धर्म स्वतंत्रता विधेयक समेत अहम बिलों पर चर्चा होगी
गृह मंत्री विजय शर्मा आज छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता विधेयक 2026 को सदन में चर्चा के लिए पेश करेंगे. इसके अलावा नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन विधेयक और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल संशोधन विधेयक पर भी विचार किया जाएगा. इन बिलों को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है.

