छत्तीसगढ़:- जब DEO-BEO ही दफ्तर नहीं आते हैं, तो शिक्षा व्यवस्था का क्या हाल होगा? इसका सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है। इंस्पेक्शन के दौरान डीईओ-बीईओ सहित 54 अधिकारी-कर्मचारी गायब मिले हैं। पूरा मामला बस्तर जिले का है। जहां शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी ही अपने कर्तव्यों से नदारद पाए गए। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए विभाग ने तुरंत सख्त कार्रवाई की और कुल 54 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक एच.आर. सोम और उप संचालक सी.एस. ध्रुव ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।जांच में सामने आया कि जिला शिक्षा अधिकारी बलिराम बघेल सहित 29 अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यालय से अनुपस्थित थे। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर भी इशारा करती है।
DEO-BEO कार्यालय में भी वही हाल
केवल डीईओ कार्यालय ही नहीं, बल्कि खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। यहां बीईओ अनिल दास सहित 25 कर्मचारी ड्यूटी के समय अनुपस्थित पाए गए। इस तरह दोनों कार्यालयों को मिलाकर कुल 54 अधिकारी-कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी से गायब मिले।
सभी को जारी किया गया नोटिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाया और सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। नोटिस में उनसे स्पष्ट जवाब मांगा गया है कि वे ड्यूटी के समय अपने कार्यस्थल पर क्यों मौजूद नहीं थे।विभाग ने इसे अनुशासनहीनता और कर्तव्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए संकेत दिया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन जैसे सख्त कदम भी शामिल हो सकते हैं।
विभाग में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। अचानक हुए निरीक्षण और बड़ी संख्या में कर्मचारियों के अनुपस्थित पाए जाने से विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों के बीच अब कार्रवाई को लेकर चिंता का माहौल है।विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। भविष्य में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण लगातार किए जाएंगे, ताकि कार्यस्थलों पर अनुशासन सुनिश्चित किया जा सके।

