दुर्ग:- जिले में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनती नजर आ रही है. जिला प्रशासन का कहना है कि जिले में घरेलू गैस के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई व्यवस्था सामान्य रूप से जारी है. इसके बावजूद कई उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्हें सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है. उपभोक्ता उमाशंकर का कहना है कि गैस एजेंसियों में सर्वर की समस्या और बुकिंग में देरी के कारण उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
पहले जल्दी डिलीवरी मिलती थी
कुछ लोगों ने बताया कि 10 से 15 दिनों तक इंतजार करने के बाद भी सिलेंडर घर तक नहीं पहुंच पा रहा है. पहले जहां बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर डिलीवरी हो जाती थी, वहीं अब देरी होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है. उपभोक्ता उमाशंकर ने बताया कि फिलहाल सिलेंडर की सप्लाई बंद नहीं हुई है और समय के अनुसार मिल भी रहा है, लेकिन पहले की तुलना में डिलीवरी में देरी जरूर हो रही है. उनका कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात या युद्ध जैसी स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो आने वाले समय में एलपीजी और पेट्रोल-डीजल को लेकर दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
कलेक्टर ने ली बैठक
इधर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटरों की बैठक लेकर जिले में गैस की उपलब्धता और सप्लाई व्यवस्था की समीक्षा की. अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. जिले में उज्ज्वला योजना सहित करीब 4 लाख गैस कनेक्शन हैं और रोजाना लगभग 9,750 सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है.
घबराने की जरूरत नहीं
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गैस सप्लाई और वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए. साथ ही प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है. जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी बाकी है, वे जल्द गैस एजेंसी जाकर प्रक्रिया पूरी कर लें. किसी भी शिकायत के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं.

