बलौदाबाजार:- छत्तीसगढ़ में अब अदालतों को धमकियां मिल रही है. जिला एवं सत्र न्यायालय बलौदाबाजार को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. मेल में साइनाइड पॉयजन गैस और RDX के इस्तेमाल की बात लिखी गई है. बुधवार करीब 11 बजे न्यायालय के आधिकारिक ईमेल अकाउंट पर यह संदेश प्राप्त हुआ. ईमेल में दावा किया गया कि सुबह 11:50 बजे कोर्ट परिसर में ब्लास्ट होगा और 11 बजे तक जजों और अन्य लोगों को बाहर निकाल लेने की चेतावनी दी गई. धमकी की सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. कुछ ही मिनटों में पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए. पूरे परिसर को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया.
कोर्ट परिसर में शुरू की गई जांच
धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस ने कोर्ट परिसर के मुख्य भवन, रिकॉर्ड रूम, चेंबर, पार्किंग क्षेत्र और आसपास के खुले हिस्सों की गहन जांच की. डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध वस्तुओं की तलाश की गई. करीब दो घंटे तक चली जांच के बाद किसी भी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली. राहत की बात यह रही कि धमकी झूठी साबित हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है.
मेल की भाषा ने बढ़ाई चिंता
धमकी भरे ईमेल में 26/11 मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब का उल्लेख किया गया है. साथ ही तमिलनाडु के एक युवक अजीत कुमार का जिक्र करते हुए हिरासत में मौत से जुड़ा संदर्भ दिया गया. मेल की भाषा में न्यायिक प्रक्रिया और मानवाधिकारों की तुलना करते हुए भड़काऊ टिप्पणियां की गईं. इसमें यह भी लिखा गया कि भारत ने एक आतंकी को न्यायिक प्रक्रिया दी, लेकिन एक आम नागरिक को अदालत तक पहुंचने का अवसर नहीं मिला. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की वैचारिक भाषा का इस्तेमाल अक्सर भ्रम फैलाने और सुरक्षा एजेंसियों को भटकाने के उद्देश्य से किया जाता है.

