गांधीनगर:- गुजरात विधानसभा ने शुक्रवार को विवाह पंजीकरण में नए नियमों की घोषणा की, जिसमें माता-पिता की सहभागिता को अनिवार्य किया गया है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने नियम-44 के तहत नए प्रावधानों का ऐलान किया और बताया कि विवाह पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विवाह में ‘धोखाधड़ी’ और ‘जबरदस्ती’ के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और यह पहल हर बेटी के सम्मान और समाज की परंपराओं की रक्षा सुनिश्चित करेगी।
गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सदन में कहा, “जब बेटी पैदा होती है तो पिता के आंगन में तुलसी का पेड़ बनकर बड़ी होती है। जब वह जवान होती है तो कुछ टपोरी उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं। नए नियम इसी दिशा में सुरक्षा का कदम हैं ताकि बेटियों की जिंदगी बर्बाद न हो।
नए नियम: स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया
स्टेप-1:
विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन दूल्हा-दुल्हन और दो गवाहों के सिग्नेचर के साथ जमा करना होगा। आवेदन लीगल नोटराइज्ड होना चाहिए। इसके साथ पहचान के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या फोटो आईडी कार्ड की आवश्यकता होगी।
स्टेप-2:
आवेदन संबंधित कम्युनिटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को जमा होगा। इसमें दूल्हा-दुल्हन और गवाहों के आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, वेडिंग कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और शादी की रस्म की फोटो शामिल होगी। साथ ही यह डिक्लेरेशन देना होगा कि माता-पिता को शादी की जानकारी दी गई है।
स्टेप-3 (A):
असिस्टेंट रजिस्ट्रार आवेदन जांचकर 10 कार्य दिवस में माता-पिता को सूचना देगा।
स्टेप-3 (B):
इसके बाद आवेदन संबंधित डिस्ट्रिक्ट या तालुका रजिस्ट्रार को भेजा जाएगा। सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर शादी 30 दिनों में पंजीकृत होगी।
स्टेप-4:
सभी विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और रजिस्ट्रार फॉर्म-2 के अनुसार विवाह प्रमाणपत्र तैयार करेंगे। प्रमाणपत्र पार्टियों को व्यक्तिगत या पोस्ट के माध्यम से भेजा जाएगा।

