रायपुर:- नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार एक्शन जारी है. सोमवार को तीन थाना क्षेत्रों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर तीन थाना क्षेत्रों से, गांजे की तस्करी करने वाले 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. पकड़े गए आरोपियों में दूसरे राज्य के लोग भी शामिल हैं.
नशे के इंटरस्टेट सिंडिकेट का रायपुर में पर्दाफाश
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ, कि गांजा की तस्करी करने के लिए तस्कर रेल मार्ग का उपयोग किया करते है. रायपुर के जिन थाना क्षेत्रों में गांजा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई उसमें कोतवाली, सिविल लाइन और उरला थाना शामिल है. पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 20 B नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की गई.
पहली कार्रवाई उरला थाना इलाके में हुई
थाना उरला और एंटी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट की टीम को सूचना प्राप्त हुई, कि उरला क्षेत्रांतर्गत बेन्द्री रोड स्थित नउवा तालाब के पास 2 व्यक्ति मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने की फिराक में हैं. इस सूचना के आधार पर एंटी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट और थाना उरला पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा 2 व्यक्तियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया. पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ करने पर अपना नाम संदीप केसरवानी एवं राजेश यादव बताया.
दोनों के पास रखे बैग से गांजा बरामद किया गया. पूछताछ करने पर दोनों के द्वारा अपने अन्य साथियों के साथ उरला क्षेत्रांतर्गत राजेन्द्र नगर उरला स्थित किराये के मकान में रहना तथा मकान में और भी मादक पदार्थ गांजा छिपाकर रखना बताया गया. जिस पर टीम के सदस्यों ने मकान में रेड की कार्रवाई की. रेड के दौरान मकान में 2 महिला सहित कुल 5 व्यक्ति उपस्थित थे. कमरों की तलाशी लेने पर वहां से 40 किलोग्राम मादक पदार्थ गांजा जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 20,22,300 रूपये है.
सभी आरोपियों के खिलाफ थाना उरला में अपराध धारा 20बी नारकोटिक एक्ट के तहत कार्रवाई की गई. पुलिस की पूछताछ में आरोपियों द्वारा गांजे को ओडिशा से लाकर उरला के किराये के मकान में भण्डारण करना और मांग के आधार पर रायपुर सहित देश भर के अलग – अलग राज्यों में सप्लाई और बिक्री करना बताया गया है. मकान मालिक के भूमिंका की भी जांच की जा रही है.
