रायपुर:- नया रायपुर के तूता स्थित धरना स्थल पर इन दिनों सिर्फ विरोध का नहीं, बल्कि टूटते सपनों और तड़पते भविष्य की तस्वीर दिखाई पड़ने लगी है. सहायक शिक्षक भर्ती 2023 में नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड योग्य अभ्यर्थी पिछले 48 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि रोज एंबुलेंस धरना स्थल पहुंच रही है, अभ्यर्थियों को स्ट्रेचर पर उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ रहा है. यह कोई एक दिन की तस्वीर नहीं, बल्कि रोज़ की कड़वी सच्चाई बन चुका है.
आमरण अनशन पर बैठे लोगों को बिगड़ रही तबीयत
धरनास्थल पर दिन भर में कई बार एंबुलेंस का सायरन गूंजता है. आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थी जब चलने-फिरने की स्थिति में भी नहीं रहते, तब साथियों की मदद से उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया जाता है. अस्पताल में ड्रिप, उपचार और थोड़ी राहत के बाद उन्हें फिर उसी धरना स्थल पर छोड़ दिया जाता है.
एंबुलेंस तक चलकर जाने भी हो गए असमर्थ
जब स्ट्रेचर पर लेटे अभ्यर्थी को एंबुलेंस में डाला जाता है तो वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो जाती हैं. कोई कमजोरी से आंख नहीं खोल पाता तो कोई बोल नहीं पाता है. जाते वक्त सिर्फ अपने साथियों को इशारों ही इशारों में कहता है कि घबराना नहीं आंदोलन जारी रखना. धरने पर बैठे छात्र उसका हौसला बढ़ाते हुए नौकरी दो या मौत दो का नारा बुलंद करने लगते हैं.
अदालत का आदेश बनाम सरकार की चुप्पी
डीएड अभ्यर्थियों का आरोप है, 2621 बीएड अभ्यर्थियों को बर्खास्त किए जाने के बावजूद उनके स्थान पर डीएड योग्य अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई. उल्टा सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए, बर्खास्त बीएड अभ्यर्थियों को विज्ञान प्रयोगशाला में समायोजित कर दिया गया. जबकि उच्च न्यायालय बिलासपुर की ओर से 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025, तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 28 अगस्त 2024 को स्पष्ट आदेश पारित किए जा चुके हैं.

