गाज़ियाबाद :- उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में मंगलवार देर रात नौवीं मंजिल के फ्लैट की बालकनी से तीन बहनों ने कूदकर आत्महत्या कर ली। इस पूरे मामले में पुलिस की जाँच जारी है, साथ ही इस केस में हर बार एक नया एंगल और जानकारी सामने निकलकर आ रही है, जिससे यह केस और भी पेचीदा होता नज़र आ रहा है। पुलिस का कहना है बच्चियों को कोरिया से प्यार तो है लेकिन गेम का कोई चक्कर नहीं है वहीं अब बच्चियों के पिता ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उन पर कोई कर्ज नहीं था, बल्कि उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटियों का कोरिया और कोरियाई पॉप संस्कृति के प्रति लगाव ही उनकी मौत का मुख्य कारण बना।
भारतीय पहचान से करने लगी थीं नफरत
आपको बता दें कि मीडिया से बात करते हुए उनके पिता चेतन कुमार ने एक और खुलासा करते हुए कहा कि तीनों लड़कियों को अपनी भारतीय पहचान से नफरत होने लगी थी। निशिका, प्राची और पाखी लगातार उनसे कोरिया ले जाने के लिए कहती थीं और जब भी वह उन्हें उनकी भारतीय पहचान याद दिलाता था, तो वे गुस्सा हो जाती थीं। उन्होंने कहा, “वे मुझसे कोरिया ले जाने के लिए कहती थीं। लेकिन मैंने कहा कि हम भारतीय हैं। भारत के नाम से उनको गुस्सा आ जाता था। उन्होंने खाना खाने से भी मना कर दिया था।” उसने दावा किया कि कोरिया का उनका जुनून उनकी मौत से सिर्फ़ दो-तीन महीने पहले ही सामने आया था।
कोरियन नाम से बनाया था सोशल मीडिया अकाउंट
जानकारी के अनुसार, चेतन की दो पत्नियां हैं, दोनों बहनें हैं और इन शादियों से उसके पांच बच्चे हैं। पहली पत्नी से उसकी सबसे बड़ी बेटी निशिका थी, और दूसरी पत्नी से प्राची और पाखी थीं। जांच से यह भी पता चलता है कि तीनों कोरियन ड्रामा के लिए जुनूनी थीं, इसलिए उन्होंने कोरियन नामों से सोशल मीडिया अकाउंट बनाए थे। जाँच में सामने आया कि उन्होंने कोरियन नामों – मारिया, एलिज़ा और सिंडी से अपने अलग-अलग अकाउंट खोले थे। इन अकाउंट्स के बड़ी संख्या में फॉलोअर्स थे। चेतन ने बताया कि उनकी मौत से 10 दिन पहले, उन्होंने उनके मोबाइल फोन ले लिए थे और अकाउंट डिलीट कर दिए थे।
उनकी डायरी में क्या लिखा था?
तीनों बहनों ने एक पॉकेट डायरी में 8 पेज का सुसाइड नोट छोड़ा था, जो कोरियन संस्कृति के प्रति उनके गहरे जुनून की ओर इशारा करता है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि तीनों नाबालिग लड़कियां एक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम खेलती थीं। उन्हें घर से एक सुसाइड नोट मिला है, लेकिन उसमें किसी गेम एप्लीकेशन का कोई खास नाम नहीं है। “हमें कोरिया पसंद है, बहुत, बहुत, बहुत,” उन्होंने डायरी में लिखा, और अपने माता-पिता पर उन्हें उनके कोरियन प्यार से अलग करने का आरोप लगाया।
कोरियन हमारी ज़िंदगी थी
बच्चियों ने लिखा की हमें कोरियन से कैसे दूर करोगे? कोरियन हमारी ज़िंदगी थी, तो तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमें हमारी ज़िंदगी से दूर करने की? तुम्हें नहीं पता था कि हम उनसे कितना प्यार करते थे। अब तुमने सबूत देख लिया है। अब हमें यकीन हो गया है कि कोरियन और के-पॉप हमारी ज़िंदगी हैं। हमने तुमसे और परिवार से उतना प्यार नहीं किया जितना हमने कोरियन एक्टर और के-पॉप ग्रुप से किया। कोरियन हमारी ज़िंदगी थी,” नोट में लिखा था।
हम कोरियन और के-पॉप हैं
कोरियन कला रूपों के अलावा, लड़कियों ने थाई, चीनी और जापानी संगीत और फिल्मों, डोरेमोन, पेप्पा पिग जैसे कार्टून और पॉपी प्लेटाइम, द बेबी इन येलो, एविल गेम और आइसक्रीम मैन गेम जैसे सर्वाइवल गेम्स के लिए भी अपने प्यार का ज़िक्र किया। उन्होंने आगे लिखा कि उनके माता-पिता ने उनकी दूसरी बहन ‘देवू’ को कोरियन ज़िंदगी से दूर रखा और इसीलिए उन्होंने उसे अपना दुश्मन बना लिया था। “हमें इस बात का बुरा लगा, इसलिए हमने एक फैसला किया और देवू को अपना दुश्मन बना लिया, क्योंकि घर में किसी ने भी उसे हमारे जैसा बनने नहीं दिया। इसलिए, उस दिन से, हमने देवू को खुद से अलग कर लिया और उसे बताया कि हम कोरियन और के-पॉप हैं, और तुम इंडियन और बॉलीवुड हो”।

