धमतरी:- माघ पूर्णिमा पर रविवार को सूर्योदय से पहले ही भक्तों का रेला धमतरी के रुद्री स्थित महानदी रुद्रेश्वर घाट पर उमड़ पड़ा. लोगों ने महानदी में आस्था की डुबकी लगाते हुए ज्योत प्रज्ज्वलित किए. माघ पूर्णिमा के महत्व के बारे श्रद्धालुओं ने कई धार्मिक मान्यताओं को साझा किया.
माघ पूर्णिमा का मेला
रुद्री के महानदी घाट पर प्राचीन महादेव रुद्रेश्वर का मंदिर है. स्नान के बाद दर्शन के लिए मंदिर के बाहर कतार भी लगी रही. धमतरी स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आस्था की ज्योत भी जलाई गई. महानदी में पुण्य स्नान के लिए तड़के ही श्रद्धालु उमड़ने लगे थे. इस दौरान स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की. इसी घाट पर भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचते है. रुद्रेश्वर महादेव घाट पर दर्शन-पूजन के साथ ही महानदी में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मनोकामना पूरी करने के लिए दीप दान किया.
कुलेश्वर महादेव घाट में मड़ई मेला
रुद्री के अलावा तीन अन्य स्थानों पर भव्य मेला-मड़ई का आयोजन होता है, जिसमे सिहावा में कर्णेश्वर महादेव मंदिर, देवपुर के डोंगेश्वर महादेव मंदिर और धमतरी से लगे कुलेश्वर महादेव घाट में भव्य मेले का आयोजन किया गया है.
52 गांव के देवी देवता पहुंचते हैं रुद्रेश्वर महादेव मंदिर
बता दें कि रुद्रेश्वर महादेव मंदिर काफी पुराना है. यहां हर वर्ष माघ पूर्णिमा पर मेला मड़ई का आयोजन किया जाता है. सुबह से ही आसपास के गांव से 52 गांव से देवी देवता पहुंचते हैं. पुण्य स्नान के बाद स्थल भ्रमण के बाद मड़ई मेला शुरू होता है. शिव भक्तों के मुताबिक माघ पूर्णिमा के दिन दान पुण्य और स्नान का अलग ही महत्व है. हर वर्ष यहां दूर-दराज से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं और आस्था की डुबकी लगाकर भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने महानदी का जल, बेल, धतूरा और नारियल लेकर दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते हैं.
