कवर्धा:- प्रदेश में आदिवासी आश्रम की स्थिति गंभीर है. कवर्धा जिले के पंडरिया ब्लॉक से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई. यहां पंडरीपानी स्थिति आदिवासी बालक आश्रम में एक तरफ बच्चे जमीन पर बैठकर खाना खा रहे थे. वहीं दूसरी तरफ छात्र बीड़ी-सिगरेट पीते भी दिखे.
ताश खेल रहे बच्चे: कहीं जमीन पर बैठकर खाना खाते, कहीं बीड़ी पीते छात्रों की तस्वीर आश्रम की स्थिति पर कई गंभीर सवाल खड़े करती है. इतना ही नहीं कहीं-कहीं बच्चे ताश खेलते भी दिखे. आश्रम की अधीक्षक की अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में भी आक्रोश है.
हॉस्टल भगवान भरोसे, कोई दिनचर्या नहीं: आरोप है कि आश्रम में बच्चों की देखरेख भगवान भरोसे छोड़ी गई है. न तो भोजन व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही बच्चों के अनुशासन और दिनचर्या की निगरानी हो रही है. उनका कहना है कि सरकार आदिवासी बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए लाखों रुपये खर्च करती है, लेकिन इस आश्रम में हालात बिल्कुल विपरीत दिख रहे हैं.
