कवर्धा:- कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में प्रतिबंधित मांगुर मछली को पकड़ा गया है. मामला पोड़ी चौकी क्षेत्र तहत सारंगपुर चौबट्टा चौक का है. यहां मंगलवार को मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित मांगुर मछली से भरे पिकअप वाहन को जब्त किया. ये मछलियां खैरागढ़ से पांडातराई ले जाई जा रही थी.
साढ़े 4 लाख रुपए की है मछलियां: इन मछलियों को बाजार में बेचने की तैयारी थी. सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पिकअप को पकड़ा. जांच में पता चला कि, जब्त मछलियां करीब 4.50 क्विंटल है. जब्त मछली की अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई जा रही है. यानी एक क्विंटल करीब एक लाख रुपए.
सभी को नष्ट किया गया: जब्ती की कार्रवाई के बाद इन मछलियों को नष्ट किया गया. नष्ट करने के लिए बोडला स्थित हेचरी में जेसीबी से बड़ा गड्ढा खोदा गया. या यूं कहें कि कब्र खोदी गई. इसके बाद पिकअप में भरी मछलियों को इस गड्ढे में डालकर बंद कर दिया गया.
खतरनाक है ये मछलियां: मांगुर मछलियों को भारत सरकार ने बैन किया है. इसकी वजह मछलियों का आक्रामक होना और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होना है. इन मछलियों के खाने से कैंसर जैसी बीमारी का भी खतरा बताया गया है. वहीं खुद भी ये मछलियां मांसाहारी होने के कारण इको सिस्टम के लिए भी खतरा है.

क्या है मांगुर मछली?
मछली का वैज्ञानिक नाम ‘क्लेरियस गेरीपाइंस’ है.
केंद्र सरकार और राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) की ओर से इसे बैन किया गया है.
यह मांसाहारी मछली है.
छोटे जलीय जीवों, सड़े-गले मांस और जीवित मछलियों को भी खाती है.
यह मछली बेहद तेजी से बड़ी होती है. इसलिए मछली पालकों को ज्यादा लाभ होता है.
2000 में भारत सरकार ने पूरे देश में इसके आयात, पालन, और बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया.
क्यों है इस मछली पर बैन?
कैंसर होने का खतरा: थाई मांगुर मछली स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. इसमें लेड, आयरन, क्रोमियम आदि उच्च स्तर में पाया गया है. इससे कैंसर, लिवर, यूरोलोजिकल, प्रजनन संबंधी बीमारी बढ़ सकती है.
इको सिस्टम के लिए भी खतरा: थाई मांगुर मछली मांसाहारी मछली है, जो आक्रामक प्रकृति की है. इसकी उपस्थिति से स्थानीय मछली प्रजातियों के साथ इको सिस्टम को भी खतरा है.
मत्स्य विभाग के अधिकारी रामधन सिंह ने बताया कि, सूचना मिली थी खैरागढ़ जिले के गंडई से एक पिकअप वाहन जिसमें प्रतिबंधित मांगूर मछली है वो लाया जा रहा है. कवर्धा में खपाने से पहले ही इसे रोक लिया गया और नष्टीकरण की कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार ऋतु श्रीवास, मत्स्य विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर मौजूद रही. अब वाहन को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.