रायपुर :- छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई का मामला गूंजा। विपक्ष ने इस पर स्थगन प्रस्ताव लाकर चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर ने यह मामला हाईकोर्ट में लंबित होने का हवाला देते हुए सदन में चर्चा कराने की अनुमति नहीं दी। इससे नाराज़ विपक्ष सदन में हंगामा करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
चैतन्य की गिरफ्तारी, विपक्ष ने सदन का किया बहिष्कार
लगातार हो रहे हंगामा को देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी। सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के परिवार पर आज हुए ईडी कार्रवाई को सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताते हुए सदन की कार्यवाही का दिन भर के लिए बहिष्कार कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत, भूपेश बघेल, उमेश पटेल समेत अन्य सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रायगढ़ जिले के तमनार में हसदेव के जंगल को अदानी ग्रुप द्वारा नियमों के विरुद्ध काटा जा रहा है। क्षेत्र के 21 गांव में अडानी कंपनी पेड़ो की कटाई कर पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ये कंपनी पेसा और NGT कानून का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। इसके लिए ग्राम पंचायत से भी अनुमति नहीं दी गई है इसके बाद भी शासन, प्रशासन के संरक्षण में पेड़ों की कटाई कर जंगलों को उजाड़ा जा रहा है। विपक्ष ने इस स्थगन पर चर्चा कराने की मांग की। स्पीकर डॉ रमनसिंह ने कहा कि यह मामला हाईकोर्ट में लंबित है इसलिए इस पर चर्चा कराना उचित नहीं है इसलिए इसे अस्वीकार करते हैं। इसके बाद विपक्ष हंगामा करने लगे जिसे देखते हुए स्पीकर ने सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
इसके बाद पुनः कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने आज सुबह भिलाई स्थित भूपेश बघेल के निवास में ईडी छापा और उनके पुत्र की गिरफ्तारी को सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराते हुए सदन की कार्यवाही का दिन भर के लिए बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभी कांग्रेस विधायक बाहर निकल गए।

