नई दिल्ली :- घर पर सोना या कीमती सामान रखना हमेशा खतरे से खाली नहीं होता। ऐसे में अधिकतर लोग बैंक लॉकर को सुरक्षित विकल्प मानते हैं। जिसके चलते वह बैंक में लॉकर खोलते हैं और उसी में सोना चांदी और अन्य जरूरी सामान रखते हैं। लेकिन क्या बैंक लॉकर में रखे सामान की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है? आइए जानते हैं इस सवाल का जवाब और लॉकर से जुड़े RBI के नए नियम।
क्या बैंक लॉकर में रखी ज्वेलरी की सुरक्षा की जिम्मेदारी बैंक की होती है
नहीं, बैंक लॉकर में रखी वस्तुओं के लिए बैंक की कोई सीधी जिम्मेदारी नहीं होती। बैंक आपको सिर्फ एक लॉकर किराए पर देता है, उसकी सामग्री पर उसका अधिकार या जिम्मेदारी नहीं होती।
हालांकि, 2021 में RBI ने नए लॉकर नियम लागू किए, जिनके तहत यदि लॉकर में रखी संपत्ति बैंक की लापरवाही या सुरक्षा में चूक के कारण चोरी होती है, तो बैंक 100 गुना तक किराया मुआवजे के रूप में देने का जिम्मेदार हो सकता है। लेकिन यह मुआवजा आपकी ज्वेलरी या सामान के बाजार मूल्य के बराबर नहीं होता।
क्या बैंक लॉकर में रखी ज्वेलरी का बीमा होता है
बैंक खुद लॉकर सामग्री का बीमा नहीं कराता।यह ग्राहक की जिम्मेदारी है कि वह अपनी ज्वेलरी या अन्य कीमती सामान का पर्सनल बीमा/ कराए।कई बीमा कंपनियां ऐसी पॉलिसी देती हैं जो लॉकर में रखी चीजों को भी कवर करती हैं.
ज्वेलरी बीमा घरेलू सामग्री बीमा
बैंक लॉकर कवर के साथ ऐड-ऑन पॉलिसी
बीमा लेने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वह बैंक लॉकर में रखी वस्तुओं को भी कवर करती है या नहीं।
लॉकर में ज्वेलरी रखने वाले ग्राहकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
सामग्री की सूची बनाएं: लॉकर में क्या-क्या रखा है, इसकी लिखित लिस्ट और फोटो रखें।
बीमा कराएं: महंगी ज्वेलरी या दस्तावेजों का बीमा अवश्य कराएं।
ज्यादा ज्वेलरी ना रखें: केवल जरूरी सामान ही लॉकर में रखें, सब कुछ एक जगह जमा न करें।
दो लोगों की अनुमति रखें: लॉकर संचालन में भरोसेमंद व्यक्ति को नॉमिनी या जॉइंट होल्डर बनाएं।
बैंक से रसीद लें: लॉकर रेंट, एग्रीमेंट और एक्सेस का रेकॉर्ड हमेशा रखें।
CCTV और सुरक्षा स्थिति जानें: जिस बैंक में लॉकर ले रहे हैं, उसकी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जरूर लें।
RBI के नए नियम क्या कहते हैं
भारतीय रिजर्व बैंक ने अगस्त 2022 में लॉकर से जुड़े नए नियम लागू किए थे, जिनका पालन 1 जनवरी 2023 से सभी बैंकों को करना अनिवार्य कर दिया गया था।
बैंक अब खाली लॉकरों की सूची और वेटिंग लिस्ट ग्राहकों को दिखाने के लिए बाध्य हैं।
एक बार में अधिकतम तीन साल तक का किराया ही लिया जा सकता है।
बैंक लॉकर में गैरकानूनी वस्तुएं रखना सख्त मना है।
लॉकर में क्या रख सकते हैं
ग्राहक बैंक लॉकर में नीचे दी गई जरूरी और वैध चीजें रख सकते हैं
सोने-चांदी के गहने
प्रॉपर्टी और लोन डॉक्युमेंट्स
बीमा पॉलिसी
जन्म, विवाह प्रमाणपत्र
सेविंग बांड्स और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज
क्या चीजें लॉकर में रखना मना है
RBI की गाइडलाइन के अनुसार, निम्नलिखित वस्तुएं लॉकर में नहीं रखी जा सकतीं, जैसे
नकदी
हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक
नशीले पदार्थ
रेडियोएक्टिव और सड़ने-गलने वाली चीजें
प्रतिबंधित या अवैध वस्तुएं
बैंक की जिम्मेदारी कब बनती है
अगर बैंक की लापरवाही या किसी कर्मचारी की धोखाधड़ी के कारण लॉकर का सामान खराब होता है या चोरी होता है, तो बैंक को मुआवज़ा देना होगा। मुआवज़ा लॉकर के सालाना किराये का 100 गुना तक हो सकता है।उदाहरण के लिए यदि लॉकर किराया 2,000 है, तो बैंक 2,00,000 तक की भरपाई कर सकता है।
बैंक लॉकर कैसे लें
स्टेप 1: बैंक में जाकर लॉकर के लिए आवेदन करें।
स्टेप 2: लॉकर उपलब्ध होते ही बैंक आपको अलॉट करेगा और एग्रीमेंट साइन कराएगा।
स्टेप 3: जरूरी दस्तावेज और किराया जमा करके लॉकर का उपयोग शुरू करें।
बतादें कि, कर्नाटक के विजयपुर जिले के मानागुली कस्बे में कैनरा बैंक की एक शाखा में सनसनीखेज चोरी होने का मामला सामने आया है। जिसने पुलिस और बैंक दोनों को हैरान कर दिया। दरअसल, 25 मई को बैंक के एक लॉकर से करीब 53 करोड़ रुपए कीमत का सोना चोरी हो गया। यह चोरी देश की अब तक की सबसे बड़ी बैंक चोरी में से एक मानी जा रही है।