रायपुर में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने प्रदेश में बढ़ते अपराध के मुद्दे पर महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। उन्होंने बताया कि सितंबर से पुलिस विभाग में एक नई पहल शुरू की जाएगी, जिसके तहत सभी रेंज के एसपी कार्यालयों में नियमित बैठकें होंगी। इन बैठकों में एसपी और थानेदारों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। शर्मा ने कहा कि 2021 से 2023 तक की तुलना में 2024 के पहले छह महीनों में अपराध की दर में कमी आई है, लेकिन यह स्थिति पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि अपराधों की घटती संख्या भी चिंता का विषय है और इस पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।गृह मंत्री अमित शाह के नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, शर्मा ने कहा कि शाह का संकल्प अत्यंत महत्वपूर्ण है। हाल की सैन्य कार्रवाइयों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के लिए पूरी ताकत से प्रयास किए जाएंगे। बस्तर के विकास के लिए भी समय सीमा के भीतर पूरा प्रयास किया जाएगा।नक्सलियों की सरेंडर पॉलिसी को लेकर शर्मा ने कहा कि इस नीति में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि सरेंडर करने वालों के जीवन को पुनर्व्यवस्थित किया जा सके। उन्होंने बताया कि बस्तर में सरेंडर करने वाले व्यक्तियों को विशेष अवसर प्रदान किए जाएंगे, जैसे कि गनमैन के रूप में नियुक्ति। बस्तर के लोग विश्वसनीय होते हैं और उनके जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।शर्मा ने बताया कि नक्सलवाद पर नियंत्रण के लिए चार प्रमुख आयामों पर काम किया जा रहा है। इसमें 13 से 18 साल के बच्चों और युवाओं को नक्सलियों से बचाने के प्रयास शामिल हैं। पीड़ितों के लिए एनजीओ भी सक्रिय हैं और सरकार भी निरंतर कार्य कर रही है। बस्तर के लोगों की सुरक्षा और उनकी संस्कृति की रक्षा के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

