Tongue Cancer, जिसे जीभ का कैंसर भी कहा जाता है, सिर और गर्दन के कैंसर का एक प्रकार है और यह जीभ में विकसित होता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह तब होता है जब जीभ की कोशिकाएं बिना नियंत्रण के बढ़ने लगती हैं. आपको बता दें, जीभ शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण पार्ट है. यह मांसपेशियों और तंत्रिकाओं से बनी होती है, जो बोलने, खाने, निगलने और स्वाद लेने में मदद करती है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, ओरल या टंग कैंसर एक बेहद गंभीर बीमारी है, जो टंग सेल्स में विकसित होती है. इस कैंसर के कारण जीभ पर ट्यूमर, घाव या सफेद लाल धब्बे हो सकते हैं. यह एक प्रकार का सिर और गर्दन का कैंसर है, जिसमें मुंह के अंदर या बाहर का कैंसर भी शामिल है. इसके शुरुआती लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते है. लेकिन, कुछ संकेत और लक्षण ऐसे भी हैं जिनपर ध्यान देना बेहद जरूरी होता है. आपको बता दें, जीभ के कैंसर के शुरुआती लक्षणों में अक्सर जीभ के किनारे पर एक दर्दनाक या दर्दरहित गांठ और घाव हो सकता है, जिससे आसानी से ब्लीडिंग हो सकती है. इसके लक्षण में मुंह या जीभ में दर्द होना भी आम है. इसके साथ ही इसके अन्य कई लक्षण कुछ इस प्रकार है.
लगातार जबड़े में दर्द होना
बोलने, चबाने या निगलने में परेशानी होना
गले में जलन या दर्द जो कई सप्ताह तक बने रहना और ठीक नहीं होना
गर्दन या कान में दर्द का अनुभव होना
गले में कुछ फंसा हुआ सा महसूस होना
मुंह में गांठ या मोटापन महसूस होना
जीभ, गालों की अंदरूनी परत, मसूड़ों, मुंह के उपरी परत पर या टॉन्सिल पर लाल या सफेद धब्बा
गला बैठना, कर्कश आवाज
दांत और मसूड़ों का ढीला पड़ना
जीभ में सूजन होना जो कुछ हफ्ते तक ठीक हो रहा हो