दंतेवाड़ा :- छत्तीसगढ़ में भी नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ बने खाबो बने रहिबो अभियान चलाया जा रहा है.जिसमें प्रदेश के कई जिलों में खाद्य विभाग की टीमें होटलों में जाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल ले रही हैं.साथ ही साथ यदि मौके पर उन्हें सैंपल अमानक मिल रहा है तो प्रतिष्ठानों पर जुर्माना किया जाता है.
दंतेवाड़ा में हुई जांच : रक्षाबंधन, 15 अगस्त और जन्माष्टमी समेत कई त्यौहार आने वाले हैं.ऐसे में होटलों में ज्यादातर नकली माल खपाया जाता है.जिससे आम आदमी की सेहत बिगड़ती है. इसके मद्देनजर नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ एवं कलेक्टर दंतेवाड़ा के आदेशानुसार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के निर्देशन में होटलों, मिठाई की दुकानों, किराना दुकान, नमकीन निर्माता व्यापारियों के खाद्य परिसर का निरीक्षण किया गया.
अमानक मिठाईयों पर प्रहार : दंतेवाड़ा जिले में निरीक्षण एवं सैंपलिंग के दौरान चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला ने कुल 65 सैंपल खाद्य प्रतिष्ठानों से लिए. निरीक्षण एवं सैंपलिंग के दौरान जो भी खाद्य पदार्थ अनुपयुक्त और अमानक पाया गया, उन्हें तुरंत नष्ट करवाया गया. इस मौके पर 5 खाद्य प्रतिष्ठानों को नोटिस दिया गया.दंतेवाड़ा क्षेत्र के देवभोग स्वीट्स से बर्फी कुन्दा, कलाकंद, गुप्ता स्वीट्स से काजू कतली, बर्फी, पवन स्वीट्स एण्ड नमकीन से कलाकंद, काला जामुन, जय अम्बे बीकानेर से चुरमा, लड्डु, बर्फी, बीकानेर स्वीट्स गीदम से खोया, राजस्थान स्वीट्स से बेसन लड्डु को नष्ट कराया गया.
वहीं दूसरी मिठाई की दुकानों से कलाकंद, नमकीन, बर्फी, रसगुल्ला, मलाई पेड़ा, काजू कतली का नमूना परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया. जांच के बाद रिपोर्ट अनुसार नमूना जांच में यदि अमानक पाया जाएगा तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
इस दौरान देवभोग स्वीट्स दंतेवाड़ा में 298 किलो बर्फी कुन्दा को अमानक, मिथ्याछाप की शंका पर सीज कर उन्हीं के अभिरक्षा में रखा गया. संयुक्त टीम ने खाद्य परिसरों में सफाई व्यवस्था मानक स्तर पर नहीं पाए जाने पर 20 खाद्य परिसरों को कुल 4 हजार 100 रुपए का चालान किया.
बलौदाबाजार में भी कार्रवाई : बलौदाबाजार कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी उमेश वर्मा की टीम ने भी कार्रवाई की है. भाटापारा सिमगा के 41 प्रतिष्ठानों से 207 नमूने लिए गए. जिसमें 199 मानक एवं 8 अमानक मिले.अमानक पान चटनी एवं बालूशाही को मौके पर नष्ट कराया गया.साथ ही चार दुकानों को नोटिस जारी किया गया.
भाटापारा में संचालित मीना बाजार के फूड स्टाल्स, फास्ट फूड सेंटर, गुपचुप ठेलों, मोमोज सेंटर की जांच की गई. मोमोज सेंटर में खाद्य रंगों का अत्यधिक मात्रा में उपयोग किया जाना पाया गया.जिसके बाद सभी मोमोज सेंटर वालों को 100 मिलीग्राम प्रति किलोग्राम इस्तेमाल करने की समझाईश दी गई.
सिमगा में कुल 19 प्रतिष्ठानों से 98 सैंपल चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से जांच किया गया. जिसमें से 93 मानक 4 अमानक और 1 असुरक्षित पाया गए.अमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों को तुरंत नष्ट कराया गया. इसके साथ ही जैन होटल एवं स्वीट्स, अमित स्वीट्स, जय दुर्गा स्वीट्स एवं लक्ष्मी किराना स्टोर्स से कुल 7 मिठाईयों के नमूने लेकर जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया.
बने खाबो बने रहिबो अभियान : पंखाजूर एवं भानुप्रतापपुर क्षेत्र में भी विशेष जांच एवं जागरूकता अभियान चलाया गया. इसके अंतर्गत स्ट्रीट फूड वेंडर्स, खाद्य परोसने वाले संस्थान, रेस्टोरेंट, ढाबा और होटलो का निरीक्षण किया गया. खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लघंन पाए जाने जैसे- अखबारी कागज का उपयोग, बासी खाद्य पदार्थो का उपयोग, पिलाए जाने वाले पानी की जांच, वेज-नान वेज का एक कंटेनर में रख रखाव, खाद्य पदार्थो की अस्वच्छ हैंडलिंग के दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई. साथ ही आम जनता को खाद्य पदार्थो से संबंधित जानकारी दिया गया. खाद्य नमूना के रूप में 06 सैम्पल जांच और चलित प्रयोगशाला ने 55 से अधिक नमूना लिए.
कोंडागांव में भी टीमों ने की जांच : कोंडागांव में मिठाई विक्रेताओं और होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी दी गई. अधिकारियों ने अखबारी कागज के उपयोग से होने वाले नुकसान, एक ही तेल को बार-बार गर्म कर उपयोग करने के दुष्प्रभाव, खाद्य सामग्रियों के उचित रख-रखाव, फूड हैंडलर्स की व्यक्तिगत स्वच्छता एवं वर्षा ऋतु में बरती जाने वाली विशेष सावधानियों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया.सभी प्रतिष्ठानों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए भी कहा गया.