कोरिया:- बैकुण्ठपुर थाना इलाके के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित जिल्दा में लाखों के खाद वितरण घोटाले पर बड़ी कार्रवाई की गई. किसानों के लिए आई सरकारी खाद को बिचौलियों के माध्यम से अवैध रूप से बेचने के मामले में समिति प्रबंधक अखिल चंद सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने अब तक लगभग 200 बोरी खाद बरामद कर ली है, जबकि मामले में शामिल अन्य खरीदारों और बिचौलियों की तलाश जारी है.
यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब जनसमस्या निवारण शिविर और सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीण रामप्रताप साहू ने शिकायत दर्ज कराई. किसान ने शिकायत में कहा कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रहा है और सहकारी समिति से खाद को औने-पौने दाम पर बिचौलियों को बेचा जा रहा है. शिकायत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में पहुंची, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और संयुक्त जांच टीम गठित की गई.
13 मई 2026 को कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जिल्दा सहकारी समिति के गोदाम का निरीक्षण किया. जांच के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड में 431.55 मीट्रिक टन उर्वरक दर्ज पाया गया, जबकि गोदाम में मात्र 184.80 मीट्रिक टन खाद ही मौजूद मिली. इस तरह कुल 246.75 मीट्रिक टन उर्वरक गायब मिला, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 68 लाख आंकी गई. जांच में सामने आया कि समिति को यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी जैसे उर्वरक किसानों के वितरण के लिए उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन इन्हें किसानों तक पहुंचाने के बजाय अवैध रूप से बिचौलियों को बेचा गया.
निलंबन से गिरफ्तारी तक पहुंचा मामला
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सहायक पंजीयक सहकारिता आयुष प्रताप सिंह, सहकारी बैंक नोडल अधिकारी कल्लू प्रसाद मिश्रा और समिति प्रबंधक अखिल चंद को निलंबित किया गया. इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर बैकुण्ठपुर कोतवाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया गया. पुलिस ने आरोपी समिति प्रबंधक अखिल चंद सिंह को उसके घर जिल्दा से गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं. बताया जा रहा है कि सरकारी खाद की बड़ी खेप अलग-अलग बिचौलियों को बेची गई.
कई इलाकों में पहुंची खाद की खेप
पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि लगभग 1800 बोरी खाद जिल्दा क्षेत्र के बिचौलियों, 1200 बोरी पोड़ी क्षेत्र के खरीदारों तथा अन्य खेप जिलीबांध, बरपारा और सूरजपुर जिले के तेलईमुड़ा क्षेत्र तक पहुंचाई गई. पुलिस ने ग्राम पंचायत बैमा स्थित एक बिचौलिये के घर से खाद बरामद की है. मामले में अब बिचौलियों और संभावित नेटवर्क की जांच जारी है. पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है. खाद घोटाले को लेकर ग्रामीणों और क्षेत्र में कई तरह की चर्चाएं भी हैं.
सूत्रों के अनुसार मामले में दो अलग-अलग राजनीतिक दलों के मंडल और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों की संलिप्तता को लेकर भी शक जताया जा रहा है. पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए तलब भी किया था, हालांकि पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है. फिलहाल पुलिस किसी भी राजनीतिक संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि करने से बच रही है, लेकिन जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.

