मध्य प्रदेश:- राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में रहने वाली 33 वर्षीय मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब बेहद गरमा गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सख्त निर्देश के बाद रविवार सुबह एम्स भोपाल में ट्विशा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम शुरू हो गया है।
इस संवेदनशील मामले की दोबारा जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान दिल्ली के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की एक विशेष टीम शनिवार रात को ही भोपाल पहुंच चुकी थी, जिसने रविवार सुबह से अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
हाई कोर्ट के आदेश पर हो रही है दोबारा ऑटोप्सी
बीते 12 मई को ट्विशा शर्मा का शव उनके ससुराल में फंदे से लटकता हुआ मिला था। इसके बाद पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौत के हालातों को लेकर ट्विशा के मायके वालों ने गंभीर सवाल उठाए थे।
परिवार की याचिकाओं और संदेहों को देखते हुए हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक नया आदेश जारी कर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया था। ट्विशा के वकील अंकुर पांडे के मुताबिक, इस दूसरी ऑटोप्सी में ट्विशा के शरीर पर आई चोटों और उनकी मौत से जुड़ी कड़ियों की बारीकी से जांच की जाएगी।
वकील पति और पूर्व जिला जज सास पर है प्रताड़ना का आरोप
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपी पति समर्थ सिंह पेशे से वकील है, जबकि उसकी मां गिरीबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं।
शनिवार को स्थानीय अदालत ने आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि घटना के बाद 10 दिनों तक समर्थ को फरार रहने में किन रसूखदार लोगों ने मदद की थी। वहीं, पूर्व जज गिरीबाला सिंह का कहना है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए अभी तक उनसे संपर्क नहीं किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए देश की सर्वोच्च अदालत ने भी शनिवार को इस केस का स्वतः संज्ञान लिया है। वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार, मीडिया रिपोर्ट्स और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को “एक युवा लड़की की उसके ससुराल में हुई अस्वाभाविक मौत में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियात्मक विसंगतियां” नाम से दर्ज किया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पांचोली की बेंच सोमवार, 25 मई को इस पर सुनवाई करेगी।

